यात्री और संवाहक के मध्य बस में सीट न मिलने पर संवाद लेखन - Yatri aur Bus Conductor ke Beech Seat Na Milne par Samvad Lekhan

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यात्री और संवाहक के मध्य बस में सीट न मिलने पर संवाद लिखिए। : In This article, We are providing यात्री और कंडक्टर के बीच बस में सीट न मिलने पर संवाद लेखन and Yatri aur Bus Conductor ke Beech Seat Na Milne par Samvad Lekhan for Students and teachers.

    यात्री और संवाहक के मध्य बस में सीट न मिलने पर संवाद

    यात्री : (बस स्टेशन पर ) लखनऊ के लिए बस कहाँ से मिलेगी ?

    कंडक्टर : यही बस जा रही है। आओ जल्दी बैठ जाओ। 

    यात्री : इसमें तो खड़े होने की भी जगह नहीं है। बैठूंगा कहाँ से। 

    कंडक्टर : साहब अभी कुछ सवारियां आगे उतर जाएँगी। तब आप बैठ जाना। लाइए तब तक आपकी टिकट काट दूँ। 

    यात्री : कितने की टिकट है लखनऊ की ?

    कंडक्टर : 150 रूपए हुए आपके। 

    (३० मिनट बाद )

    यात्री : तुम तो कह रहे थे की आगे सवारियां उतर जाएँगी और सीट मिल जाएगी ?

    कंडक्टर : सवारियां उतरी थीं पर कुछ नयी सवारियां भी चढ़ गयीं इसलिए आपको सीट नहीं मिल पायी। 

    यात्री : अरे ये क्या बात हुई जब मैं पहले चढ़ा था तो उन्हें सीट क्यों दी ?

    कंडक्टर : आप बस 5 मिनट और रुक जाओ मैं आपकी सीट की व्यवस्था करता हूँ। 

    यात्री : मुझसे अब और इन्तजार नहीं होता। मेरे पैसे  वापस करो और बस रोको मैं यहीं उतर रहा हूँ। 

    कंडक्टर : ज़रा सी सीट के लिए आप इतनी बहस क्यों कर रहे हो ?

    यात्री : ये तुमको पहले सोचना चाहिए था। मैंने बैठने के पहले ही सीट की बात की थी। अगर ऐसे ही जाना था तो मैं रेल में जनरल डिब्बे में चला जाता। 

    कंडक्टर : आप एक काम करिये, जब तक कोई सीट खाली नहीं होती आप मेरी सीट पर बैठ जाइये। 

    (इसके बाद कंडक्टर उठकर यात्री को अपनी सीट दे देता है )


    यात्री और कंडक्टर के बीच बस में सीट न मिलने पर संवाद

    यात्री : यह क्या बात हुई? पहले तुमने पहले बोला आ जाओ , आ जाओ बस में सीट है, जबकि बस तो खचाखच भरी है। 

    कंडक्टर : बगल की ही सवारियां हैं सब। आप बाद 5 मिनट रुको सीट मिल जाएगी। 

    यात्री : आपको पहले बताना चाहिए, मैं बस में चढ़ता ही न। 

    कंडक्टर : यकीन मानिये, अगले स्टॉप पर बहुत से लोग आगे उतर जाएँगे। 

    यात्री : तुम लोग ऐसे ही करते हो , ऐसे बोल के बैठा लेते हो और फिर खड़ा रखते हो। 

    कंडक्टर : भाई साहब आप लड़ो मत मुझसे, मैं कह रहा हूँ ना आगे आपको सिट दिलाता हूँ। 

    यात्री : हाँ थोड़ा जल्दी करो, मैं लम्बे सफर में ऐसे नहीं जा सकता। 

    कंडक्टर : लीजिये आ गया हमारा स्टॉप। अब जैसे ही यहाँ की सवारियां उतरें, आप बैठ जाइएगा। 

    (इसके बाद स्टॉप पर कुछ सवारियां उतरती हैं और यात्री को सीट मिल जाती है। )


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