Saturday, 9 July 2022

एक नेता और मतदाता के बीच हुए संवाद लेखन - Ek Neta aur MatData ke Beech Samvad Lekhan

एक नेता और मतदाता के बीच हुए संवाद लेखन : In This article, We are providing चुनाव के पूर्व एक नेता और मतदाता के बीच संवाद लेखन and Ek Neta aur MatData ke Beech Samvad Lekhan for Students and teachers.

    एक नेता और मतदाता के बीच हुए संवाद लेखन

    नेता : नमस्कार मैं अ.ब.स. पार्टी की तरफ से क्षेत्रीय पार्षद चुनाव का प्रत्याशी हूं। कृपया मुझे अपना वोट दें।

    मतदाता : मुझे बताओ कि मैं आपकी पार्टी के लिए अपना वोट क्यों डालूं?

    नेता : हमारी पार्टी की एक विचारधारा है। हम सांप्रदायिकता में विश्वास नहीं करते हैं। जबकि अन्य दल साम्प्रदायिकता में विश्वास करते हैं।

    मतदाता : क्या आपको नहीं लगता कि अब भारत के लोग विकास चाहते हैं। वे भ्रष्टाचार, गरीबी और अशिक्षा के खिलाफ लड़ना चाहते हैं। आप लोग उन्हें केवल वोट के लिए लड़ाते रहते हैं।

    नेता : हम किसी को नहीं लड़ाते बल्कि दूसरी पार्टियां ऐसा करती हैं। वे चाहती हैं कि हिंदू और मुसलमान लड़ें ताकि वे गंदी राजनीति कर सकें।

    मतदाता : और आपका एजेंडा क्या है?

    नेता : हम एकता, समानता और भाईचारे में विश्वास करते हैं।

    मतदाता : पिछले 10 वर्षों से आप सत्ताधारी दल हैं। अब आप ही बताएं कि भारत की एकता के लिए आपने कौन से अच्छे काम किए हैं।

    नेता : हमने सांप्रदायिकता नहीं फैलाई। हमारे शासनकाल में हिंदू और मुस्लिम दंगे कभी नहीं हुए।

    मतदाता : मैं आपको सांप्रदायिक झगड़ों की पूरी सूची दे सकता हूं। हिंदुओं और मुसलमानों के बीच गंभीर लड़ाई के कई मामले हैं। तो आप कैसे कह सकते हैं कि आपके समय में कोई हिंदी मुस्लिम दंगा नहीं हुआ?

    नेता : आप अभी बहुत छोटे हैं। मुझे लगता है कि आप कॉलेज जाने वाले लड़के हैं। आप पहली बार अपना वोट डाल रहे हैं इसलिए आपको राजनीति के बारे में कुछ भी पता नहीं है। आपको देखना चाहिए कि अगर हम पिछले 10 साल से भारत पर राज कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि हमारे पास हुनर है।

    मतदाता : हां, मैं पहली बार वोट डाल रहा हूं लेकिन मैं एक अच्छा नागरिक हूं। मुझे पता है कि कौन अच्छी पार्टी है और कौन बुरी। 


    चुनाव के पूर्व एक नेता और मतदाता के बीच संवाद 

    मतदाता : प्रणाम नेताजी कैसे हैं?

    नेता : प्रणाम मैं तो ठीक हूं। तुम बताओ क्या काम है?

    मतदाता : नेताजी, हमारे घर के सामने की सड़क बहुत ऊबर खाबड़ है। मैं कई महीनों से पत्र लिखकर जमा किया। लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

    नेता : अच्छा चुनाव के बाद मैं तुम्हारे इस काम पर गौर करूंगा। तुम बस मुझको वोट देना।

    मतदाता : आप हर बार झूठ बोलकर वोट लेने आते हैं । फिर पांच साल बाद याद करते हैं।

    नेता : देखो हमारे पास एक तो काम होता नहीं है। इसलिए देर होती है। इस बार तुम्हारा काम अवश्य होगा।

    मतदाता : इस बार भी तो आप मंत्री पद में है, आप काम करेंगे​ तो वोट मिलेगा आपको। नहीं तो नहीं।

    नेता : तुम अपनी औकात में रहो समझे और निकलो यहां से।

    मतदाता : मैं तो जा रहा हूं बस कुछ दिनों में आप भी चले जाएंगे तब आपसे मुलाकात होगी मेरी। तब आपको मैं अपनी औकात बताऊंगा। मैं वही हूं जो आप जैसे लोगो को जितवाता हूं और हराया भी हूं।


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