वृक्षारोपण पर अनुछेद लेखन। Vriksharopan par Anuched Lekhan

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वृक्षारोपण पर अनुच्छेद लेखन। Vriksharopan par Anuched Lekhan

वृक्षारोपण पर अनुछेद लेखन। Vriksharopan par Anuched Lekhan
वृक्षों का महत्व हमें अच्छी तरह से ज्ञात है, वृक्षारोपण की बात अब सेमिनारों और बैठकों में चर्चा तक ही सीमित नहीं रह सकती। अब समय आ गया है कि वृक्षारोपण को वास्तव में क्रियान्वित किया जाए। हमें पहले ही देर हो चुकी है और अब इसमें देरी नहीं की जा सकती। तेजी से औद्योगिकीकरण और लापरवाह वनों की कटाई ने पर्यावरण के साथ पहले ही कहर बरपा दिया है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और वन क्षेत्र के परिणामस्वरूप गिरावट ने भारी जलवायु परिवर्तन लाए हैं। हम प्राकृतिक आपदाओं का आसान शिकार हैं। वन्यजीवों की कई प्रजातियों के विलुप्त होने से ईको-सिस्टम में गंभीर बाधा उत्पन्न हुई है। प्राकृतिक संसाधनों जैसे पेयजल, तेल, खनिजों आदि की कमी या नुकसान, मनुष्य के लिए एक खतरनाक खतरा बन जाता है। यह सब इसलिए हुआ है क्योंकि आदमी लालची और गैरजिम्मेदार बन गया है। इसलिए मनुष्य और प्रकृति के बीच संबंध को एक झटका लगा है। उपाय अधिक से अधिक पेड़ लगाने में निहित है। हम एक स्थायी दुनिया तभी हासिल कर सकते हैं जब हम अपने पर्यावरण की देखभाल करना सीखेंगे। हमारा बहुत अस्तित्व पर्यावरण के अच्छे स्वास्थ्य पर निर्भर करता है, और पेड़ों का रोपण इस दिशा में एक कदम है। वृक्षों के इस व्यापक महत्त्व को देखते हुए हर वर्ष वन महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस मौके पर स्कूलों तथा कॉलेजों में वृक्षारोपण का कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
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