Sunday, 14 April 2019

चार्ल्स डिकेन्स बायोग्राफी इन हिंदी


चार्ल्स डिकेन्स बायोग्राफी इन हिंदी

इंग्‍लैंड : महान उपन्‍रूासकार

जन्‍म : 1812
मृत्‍यु : 1870

चार्ल्‍स डिकेंस ऐसे उपन्‍यासकार थे, जिन्‍होंने कथा-साहित्‍य को समृद्ध किया। उनके उपन्‍यासों की कथा-वस्‍तु शानदार चरित्रों के साथ उत्‍कृष्‍ट होती थी, जो पाठकों को सम्‍मोहित करती थी। उनके उपन्‍यास समाज के गरीब और शोषित वर्ग बड़ी सुंदरता से चित्रण करते थे।

charles dickens ki jivni
चार्ल्‍स डिकेंस का जन्‍म 1812 में इंग्‍लैंड में हुआ। वह एक गरीब परिवार से थे और उनका बचपन आर्थिक समस्‍याओं से भरा हुआ था। उन्‍हें छोटे-से जूता पॉलिश कारखाने में काम करने के लिये स्‍कूल छोड़ना पड़ा। बड़े होने पर कुछ समय के लिये एक कानून कार्यालय में लिपिक की नौकरी कर ली। खाली समय से पढ़ते और शार्टहैंड सीखते थे।

बाद में संसदीय पत्रकार बन गये। वह अपने काम पूरी तरह आनंद लेते थे। उन्‍होंने तथ्‍यात्‍मक के साथ-साथ काल्‍पनिक घटनाओं को लिखना भी सीखा।

उनके जीवन में एक निर्णायक मोड़ तब आया, जब उन्‍होंने एक पत्रिका के लिये पिकविक पेपर्स के नाम से लेखों की एक श्रृंखला लिखी। इससे उन्‍हें नाम और प्रसिद्धी मिली। उनके उपन्‍यास समाज के विभिन्‍न वर्गों को प्रदर्शित करते थे। विशेष रूप से गरीबों और शोषितों को। उनके उपन्‍यास बेहद लोकप्रिय हुए।

उन्‍होंने कई स्‍थानों पर कार्य किया। सभी काम लेखन संबंधित थे। मार्निंग क्रोनिकल के लिये रिपोर्टर के रूप में भी काम किया, जिसमें उन्‍होंने चुनावों को कवर किया। पिकविक पेपर्स की सफलता के साथ डिकेंस एक लेखक के रूप में स्‍थापित हो गये। प्रत्‍येक नई किताब ने उनकी प्रतिष्‍ठता को बढ़ाया।

डिकेंस अपने समय के अग्रणी अंग्रेजी उपन्‍यासकार थे। उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध साहित्‍य में पिकविक पेपर्स, ग्रेट एक्‍सपेक्‍टेशंस, ऑलिवर ट्विस्‍ट और ए टेल ऑफ टू सिटीज हैं। उनके कुछ उपन्‍यासों में आत्‍मकथात्‍मक स्‍पर्श भी है। ऑलिवर ट्विस्‍ट में ऑलिवर का जो चरित्र है, वह उनका ही प्रतिबिंब है।

SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: