Wednesday, 18 July 2018

पंचलाइट कहानी का उद्देश्य

पांच लाइट कहानी का उद्देश्य

panch light kahani ka uddeshya
फणीश्वर नाथ रेणु हिंदी साहित्य जगत के सुप्रसिद्ध आंचलिक कथाकार हैं. ग्रामीण अंचलों से उनका निकट का परिचय है. बिहार के अंचलों के सजीव चित्र उनकी कथाओं के अलंकार हैं. पंचलाइट भी बिहार के परिवेश की कहानी है. कहानीकार ने ग्रामीण अंचल का वास्तविक चित्र खींचा है. आवश्यकता किस प्रकार बड़े-से-बड़े संस्कार और निषेध को अनावश्यक सिद्ध कर देती है, इसी केंद्रीय भाव के आधार पर कहानी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण उद्देश्य को स्पष्ट किया गया है. गोधन द्वारा पेट्रोमैक्स जला देने पर उसकी सब गलतियां माफ कर दी जाती है. उस पर लगे सारे प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं तथा उसे मनचाहे आचरण की छूट दी जाती है. ग्रामवासी जाति के आधार पर अनेक टोलियों में बंट जाते हैं. वह आपस में ईर्ष्या-द्वेष के भावों से भरे रहते हैं. इसका बड़ा सजीव चित्रण कहानी में प्रस्तुत किया गया है. कहानीकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस आधुनिक युग में अभी भी कुछ गांव और जातियां पिछड़ी हुई हैं. रेणु जी ने अप्रत्यक्ष रूप से ग्राम सुधार की प्रेरणा भी दी है.

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