भारत में अस्पृश्यता के कारण तथा अस्पृश्यता के उन्मूलन के उपाय बताइये।

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भारत में अस्पृश्यता के कारण तथा अस्पृश्यता के उन्मूलन के उपाय बताइये। 

    भारत में अस्पृश्यता के कारण

    1. सामाजिक हीनता - सभी उच्च वर्ग की जातियाँ निम्न वर्ग की जातियों को सामाजिक दृष्टि से हीन मानती थीं और इनको स्पर्श करना खराब मानती थीं।

    2. धार्मिक हीनता - निम्न जाति के लोगों को सार्वजनिक स्थलों जैसे .. मन्दिरों कुओं व मस्जिदों में जाने की इजाजत न थी, क्योंकि इन्हें अछत माना जाता था। अत उच्च वर्ग के लोग इनको स्पर्श करने में अपना धर्म नष्ट करना समझते थे।

    3. सांस्कृतिक हीनता - अस्पृश्य जातियों के लोग सामाजिक एवं धार्मिक सुविधाओं या समानताओं से वंचित रहे, इसलिए ये सांस्कतिक क्षेत्र में भी उन्नति न कर सके। इस कारण भी इन्हें स्पृश्य नहीं किया जाता था।

    4. आर्थिक हीनता - ये लोग आर्थिक दृष्टि से भी हीन थे, इस कारण वे अपना विकास न कर पाए और पिछड़े रह गए। इसलिए उच्च जाति के लोग इनको स्पृश्य करने में पाप समझते थे 

    अस्पृश्यता  उन्मूलन हेतु सुझाव / उपाय

    1. समानता का अधिकार - अस्पृश्यता के अभिशाप से मुक्त होने के उद्देश्य से इन्हें समानता का अधिकार प्रदान किया जाना चाहिए। इस सम्बन्ध में भारतीय संविधान की धारा 15 में लिखा है कि . राज्य, धर्म, लिंग, जाति-पाँति, स्त्री-पुरुष या इनमें से किसी भेद-भाव के बिना प्रत्येक व्यक्ति को बराबर अधिकार प्रदान करेगा।

    2. नौकरियों में स्थान - अस्पृश्य लोगों को नौकरियों में स्थान सुरक्षित किए जाने चाहिए।

    3. शिक्षा की सविधाएँ - अनुसूचित जातियों का शैक्षिक स्तर ऊँचा करने के लिए इन्हें शिक्षा सम्बन्धी सुविधाएँ भी प्रदान की जानी चाहिए जैसे - निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना तथा छात्रवत्ति देना आदि।

    4. विधान मण्डलों तथा पंचायतों में सुरक्षित स्थान - इन जातियों के लोगों को विधान मण्डलों तथा पंचायतों में स्थान सुरक्षित किए जाने चाहिए।

    आज एक सीमा तक अस्पृश्यता का अन्त हो चुका है किन्तु अभी भी कुछ क्षेत्रों में इसका काफी बोलबाला है। सरकार से कानूनी से इसे पूर्णतः समाप्त कर दिया है किन्तु आवश्यकता इस बात की है कि ये लोग स्वयं अपने अधिकारों के प्रति सचेत हों और स्वयं आगे बढ़ने का प्रयत्न करें। 

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