Sunday, 22 August 2021

संभववाद तथा नियतिवाद में अंतर - Sambhav vad aur Niyati vad me Antar

संभववाद तथा नियतिवाद में अंतर - Sambhav vad aur Niyati vad me Antar

यहाँ पढ़िए संभावनावाद जिसे संभववाद भी कहा जाता है तथा नियतिवाद में अंतर, "Sambhav vad aur Niyati vad me antar/ difference" for student. नियतिवाद और संभावाना वाद परस्पर विरोधी विचारधारा है जिनमे मुख्य अंतर निम्न बिन्दुओं के रूप में दिया जा रहा है। 

संभववाद तथा नियतिवाद में अंतर

संभववाद/संभावनावाद नियतिवाद
संभववाद की विचारधारा के अनुसार मनुष्य अपने पर्यावरण में परिवर्तन करने में समर्थ है तथा वह प्रकृति प्रदत्त अनेक संभावनाओं का इच्छानुसार अपने लाभ के लिए उपयोग कर सकता है नियतिवाद की विचारधारा के अनुसार मनुष्य के प्रत्येक क्रियाकलाप को पर्यावरण से नियंत्रित माना जाता है।
मानव का प्रकृति पर निर्भरता की अवस्था से स्वतन्त्रता की अवस्था की ओर प्रस्थान संभव है। मानव की आदिम अवस्था में मानव के लगभग सभी क्रिया कलाप पूर्णतया प्राकृतिक पर्यावरण की शक्तियों द्वारा नियंत्रित थे।
वीडाल-डी-ला ब्लाश तथा लुसियन फैबव्रे इस विचारधारा को मानने वाले प्रमुख थे। रैटजेल, रिटर, हम्बोल्ट, हटिंगटन आदि नियतिवाद के प्रमुख समर्थक थे।
संभावनावाद प्रकृति की तुलना में मनुष्य को महत्वपूर्ण स्थान देता है और उसे सक्रिय शक्ति के रूप में देखता है। नियतिवाद सामान्यः मानव को एक निष्क्रिय कारक समझते हैं जो पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित होता है।

SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: