Monday, 23 August 2021

प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक में अन्तर

प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक में अन्तर

यहाँ पढ़िए प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक में अन्तर, "प्रतिकर्ष कारक वे होते हैं किनके कारण लोग अपने मूल स्थान से पलाान करते हैं जबकि अपकर्ष कारक प्रवासियों को आकर्षित करते हैं।

प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक में अन्तर

प्रतिकर्ष कारकअपकर्ष कारक
प्रतिकर्ष कारक वे कारण होते हैं जिनके कारण लोग अपना निवास स्थान / उद्गम स्थान छोड़ते हैं जैसे बाढ़, भूकंप, मूलभूत सुविधाओं का अभाव आदि।अपकर्ष कारक ऐसे कारक होते हैं जो विभिन्न स्थान के लोगों को आकर्षित करते हैं जैसे शिक्षा के अवसर, स्वास्थ्य सुविधाएं रोजगार के अवसर आदि।
गाँव में आजीविका प्राप्त नहीं कर पाने वाली जनसंख्या की गणना अधिशेष जनसंख्या के रूप में की जाती है। यह जनसंख्या नगरों की ओर प्रवास करती है।नगरों में उद्योग, परिवहन, संचार व्यापार तथा वाणिज्य आदि की बेहतर सुविधायें लोगों को प्रवास के लिए प्रेरित करती हैं।
बेरोजगारी, आजीविका के साधनों की कमी, कृषि के कम उत्पादन आदि के कारण भुखमरी आदि प्रतिवर्ष के लिए प्रमुख कारक है।अपकर्ष कारक वह स्वैच्छिक प्रवास है जब लोग नगरों को सुविधाओं-अजीविका के बेहतर साधनों से प्रेरित होकर प्रवास करते है।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पर बढ़ती जनसंख्या के दबाव के कारण जीविकोपार्जन के साधनों की कमी के कारण लोग बेहतर स्थानों की ओर प्रवास करते है।नगरों में अच्छे अवसरों, शिक्षा तथा मनोंरजनों के साधनों के कारण लोग चुम्बक की तरह आकषिर्त होते हैं।
प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक में अन्तर


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