Thursday, 28 February 2019

कलम तलवार से ताकतवर होती है पर निबंध

कलम तलवार से ताकतवर होती है पर निबंध

प्रस्तावना : यह तय करना मुश्किल है कि कलम या तलवार में से कौन अधिक शक्तिशाली है। प्रत्येक दृष्टिकोण के समर्थकों के पास प्रस्तुत करने के लिए अपने तर्क हैं। कलम और तलवार दोनों ही अपने क्षेत्र में बहुत शक्तिशाली साधन हैं। दोनों ही किसी व्यक्ति या देश को बना या बिगाड़ सकते हैं। कोई आसानी से पूछ सकता है कि कलम किसी को शारीरिक नुकसान कैसे पहुंचा सकती है?

हानिरहित और आकार में छोटा दिखने के बावजूद, कलम में जनता की राय बदलने और जनता को विद्रोह करने के लिए उकसाने की शक्ति है। यह कई कवियों और लेखकों की कलम की ही शक्ति थी जिसने कई युवा क्रांतिकारियों को भारत की आजादी के लिए लड़ने के लिए प्रेरित किया और उन्होंने चेहरे पर मुस्कान के साथ देश के लिए अपने जीवन का बलिदान किया।

कलम की ताकत तलवार से ज्यादा
कलम तलवार की तुलना में शक्तिशाली है। कलम सोचने की आजादी देती हैं जबकि तलवार गुलामी और गरीबी की ओर ले जाती हैं। इसी तरह, कलम निर्माण का प्रतीक हैं, जबकि तलवार विनाश का प्रतीक हैं। असल में, कलम हमें निडर बनाती हैं। दूसरी ओर तलवार हममें नफ़रत, लड़ाई भय आदि पैदा करती हैं। तलवार मानवता, संस्कृति और देशों को नष्ट करती हैं जबकि कलम खोई हुई सभ्यताओं-संस्कृतियों, देशों आदि को किताबों में सहेजती है।

एक महान लेखक अपनी कलम से दुनिया को बदल सकता है, बुराइयों को दूर कर सकता है और प्रगति में मदद कर सकता है। कई महान लेखक हैं जो करिश्माई नेता और सुधारक रहे हैं। उनमें से कुछ जॉन कीट्स, महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, प्लेटो, मार्क्स, मैकियावेली, स्टीवर्ट मिल और एडम स्मिथ आदि हैं।

जाहिर है, एक कलम तलवार की तुलना में शक्तिशाली है। एक कलम एक ही समय में किसी को राजा तो किसी को रंक भी बना सकती है। जहाँ एक ओर यह किसी विशेष मुद्दे पर पूरी दुनिया को एकजुट कर सकती है। वहीं दूसरी ओर, यह एक देश को छोटे राज्यों में विभाजित भी कर सकती है।

कलम के और भी अन्य महान उपयोग हैं। लोग किसी भी छोटी या बड़ी घटना पर अपनी राय व्यक्त करने के लिए कलम का इस्तेमाल करते हैं। यह सरकार को जनता के दृष्टिकोण से अवगत कराने और देश की महत्वपूर्ण नीतियों को प्रभावित करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह कभी भी तलवार से नहीं किया जा सकता है।

कलम की शक्ति का उपयोग करके सामाजिक सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। तलवार से हुई हिंसा और रक्तपात के बाद, वह कलम ही है जो शांति संधियों पर हस्ताक्षर करती है, और लोगों से नियमों का पालन करती है।

कलम मुख्य रूप से शांति का साधन है, लेकिन तलवार युद्ध का एक साधन है। यह हिंसा का एक हथियार है चाहे इसका इस्तेमाल अपराध या बचाव के लिए किया जाए। यह कई युद्धों में निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की असंख्य मौतों का कारण है।

तलवार के पक्ष में तर्क 
लेकिन फिर भी, तलवार की पूरी तरह से निंदा करना नासमझी है। आत्म-रक्षा में इसका उपयोग करना पूरी तरह से उचित है। तलवार उठाना जीवन-मृत्यु की स्थिति में सबसे अच्छा विकल्प है। तलवार के खाते में उपलब्धियां और भी हैं। इसने साम्राज्यों को जीतने में मदद की है। इतिहास देखें तो पायेंगे की तलवार ने अनेक बार अत्याचारियों का नाश कर शान्ति भी कायम की है। तलवार के भय से अपराध कम होते हैं। तलवार सिर्फ भय का ही नहीं बल्कि हौसले का भी संचार करती है। यह शक्ति और शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है। सिकंदर महान और नेपोलियन जैसे इतिहास के विजेता पूरी तरह से अपनी तलवार की ताकत पर निर्भर थे। उन्होंने कई राज्यों पर विजय प्राप्त की और कई साम्राज्य बनाए। 

निष्कर्ष : इस प्रकार, कलम और तलवार दोनों के सकारात्मक और नकारात्मक पहलू हैं, लेकिन सवाल यह है कि उनमें से कौन सा शक्तिशाली है। इसके लिए, कोई निश्चित उत्तर नहीं हो सकता है, क्योंकि दोनों के अपने-अपने उपयोग हैं।

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