Monday, 23 April 2018

सिनेमा या चलचित्र पर निबंध। Essay on Cinema in Hindi

सिनेमा या चलचित्र पर निबंध। Essay on Cinema in Hindi

सिनेमा या चलचित्र पर निबंध
मनोरंजन के अनेक साधनों जैसे रेडियो, टेलीविजन, फोटोग्राफी, साहित्य, चित्रकला तथा खेलकूद आदि में सबसे अधिक लोकप्रिय साधन चलचित्र अथवा सिनेमा है। आज चलचित्र का सर्वत्र स्वागत होता है। यह भरपूर मनोरंजन करने वाला सस्ता साधन है। चलचित्र जहां एक और मनोरंजन का अच्छा साधन है, वहीं दूसरी ओर इसके अनेक अन्य लाभ भी हैं। इस में प्रयुक्त अच्छी सी कहानी, सुंदर गीत या कविता, कर्णप्रिय संगीत और छाया चित्रों के माध्यम से प्रकृति के सुंदर से सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं। 

ठाठें मारता समुद्र, बर्फ से ढकी पहाड़ों की चोटियों, लहलहाते हुए हरे-भरे खेत, कल-कल करती हुई नदियां, वन-उपवन में पशु-पक्षियों की अठखेलियां आदि दृश्य सिनेमा के पर्दे पर साकार हो उठते हैं। सस्ते मनोरंजन के साथ साथ सिनेमा से ज्ञान भी बढ़ता है। हमें भूगोल-इतिहास जैसे विषयों का ज्ञान भी सिनेमा से मिलता है। जिन कुरीतियों को दूर करने में बड़े-बड़े उपदेशक, प्रचारक और शिक्षक असफल हो जाते हैं, उनको दूर करने में शिक्षाप्रद फिल्में बड़ी सहायक सिद्ध हुई हैं। 

सिनेमा द्वारा विज्ञापन देकर व्यापार में आशातीत सफलता प्राप्त की जा सकती है। भारत सरकार के विभाग द्वारा वृत्तचित्र इस दिशा में अच्छा योगदान कर रहे हैं। चलचित्र जीवन सुधार का साधन है तो जीवन के पतन का कारण भी है। पैसा कमाने के लोग हमें फिल्मी निर्माता ऐसी फिल्में बनाते हैं जिन्हें देखकर देश के नौजवानों का चारित्रिक पतन हो रहा है। 

जब विद्यार्थियों को सिनेमा देखने की लत पड़ जाती है, तो वह विद्यालय से भागकर और घर से पैसे चुराकर सिनेमा देखने जाते हैं। वह वहां पर चोरी, डकैती, अपहरण और कत्ल आदि के दृश्य देखकर उनका अनुकरण करने का प्रयास करते हैं। अतः फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि ऐसे चलचित्रों का निर्माण करें जिससे जीवन का भरपूर मनोरंजन भी होता जीवन के लिए आशाजनक संदेश भी हो।







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