नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ - भाग जाना; रफूचक्कर होना; उड़नछू होना;  फुर्र हो जाना; चंपत होना। 

Nau do Gyarah Hona Muhavare ka arth - Bhaag Jana; Rafuchakkar hona; Udanchu hona; Furr hona; Champat hona.

नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग - आतंकवादी सदैव भारतीय सीमा में घुसने की फिराक में रहते हैं। सीमा में प्रवेश के दौरान भारतीय सेना की टुकड़ी को देखकर वे नौ दो ग्यारह हो गये।

वाक्य प्रयोग - पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के बाद फरार अपराधी विकास दुबे के फरीदाबाद में छिपे होने की खबर आयी किन्तु पुलिस के पहुंचने से पहले वह नौ दो ग्यारह हो गया।

वाक्य प्रयोग - अगर तुम चाहते हो कि मुझे और अधिक गुस्सा न आए तो यहाँ से नौ दो ग्यारह हो जाओ।

वाक्य प्रयोग - अध्यापक को देखते ही कक्षा ना लगाने की मंशा से बाहर खड़े बच्चे नौ दो ग्यारह हो गए।

वाक्य प्रयोग - योगेश बाबू तो ठग हैं, वे तो पैसे कमाकर नौ दो ग्यारह हो जायेंगे और आपको लेने के देने पड़ जायेंगे। 

वाक्य प्रयोग - जनता का धरना प्रदर्शन देखते ही विधायक जी अपना ऑफिस छोड़कर नौ दो ग्यारह हो गए। 

यहाँ हमने नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। नौ दो ग्यारह होना मुहावरे का अर्थ होता है – भाग जाना; रफूचक्कर होना; उड़नछू होना;  फुर्र हो जाना; चंपत होना। जब कोई व्यक्ति किसी की नज़र पड़ने से पहले ही बहुत तेजी से भाग जाता है यानि चम्पत हो जाता है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

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