Monday, 20 June 2022

रेलवे स्टेशन पर खड़े दो मित्रों के मध्य संवाद लेखन - Railway Station Par Do Mitro ke Madhya Samvad Lekhan

रेलवे स्टेशन पर खड़े दो मित्रों के मध्य संवाद लेखन : In This article, We are providing रेलवे स्टेशन पर रेल की प्रतीक्षा करते हुए दो लोगों के बीच संवाद and दो मित्रों के बीच मेट्रो रेल पर संवाद लेखन for Students and teachers.

    रेलवे स्टेशन पर खड़े दो मित्रों के मध्य संवाद

    श्याम : अरे यार नीरज तुम यहाँ कैसे ?

    नीरज : बस भाई कुछ रिश्तेदारों को प्लेटफार्म तक छोड़ने आया था ? और तुम यहाँ कैसे ?

    श्याम : बस सोचा कि परिवार के साथ कुछ दिन किसी हिल स्टेशन पर बिताये जाएँ। 

    नीरज : और अंकल-आंटी कहाँ हैं ?

    श्याम : वे अंदर वेंटिंग रूम में बैठे ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

    नीरज : कहाँ जाने का प्लान बनाया है ?

    श्याम : यहाँ से पहले नैनीताल जायेंगे, फिर कुछ दिन हिमाचल में छुट्टी बितायेंगे। 

    नीरज : बढियाँ है दोस्त। कितने बजे की ट्रेन है ?

    श्याम : क्या बताऊँ ? ट्रेन तो आठ बजे आनी थी लेकिन लेट हो गयी है। 

    नीरज : चलो भाई फिर तुम प्रतीक्षा करो और मै भी घर निकलता हूँ। 

    श्याम : ठीक है भाई, लौटकर मिलते हैं। 


    दो मित्रों के बीच मेट्रो रेल पर संवाद लेखन 

    तरुण: यार वरुण, जब से मेट्रो रेल आई है सब कितना अच्छा हो गया है.

    वरुण:हाँ यार सही कह रहे हो.  

    तरुण: मेट्रो रेल में सफर करने से रोज़ रोज़ की भीड़ का सामान कम करना पड़ता है.

    वरुण: सबसे अच्छी बात तो गर्मी के समय में मेट्रो रेल को वातानुकूलन बनाया गया है., ताकि सफर करते समय  गर्मी ना लगे.  

    तरुण: मेट्रो रेल में अपराध करने वालो का पता करने के लिए ट्रेनों में सीसीटीवी की भी सुविधा है।

    वरुण: बहुत अच्छा है सब सुरक्षा के साथ सफर कर सकते है.  

    तरुण: बड़ी संख्या में लोग आसानी से सफर कर सकते है ।

    वरुण: कम कीमत के कारण बहुत सारे लोगों के लिए सबसे अच्छा आप्शन एक ट्रेन है।


    रेलवे स्टेशन पर रेल की प्रतीक्षा करते हुए दो लोगों के बीच संवाद

    यात्री 1: क्या बात है भाई साहब स्टेशन तो बहुत चकाचक और साफ सुथरा लग रहा है।

    यात्री 2: होगा भी क्यों नहीं अब लोग सभी स्वच्छ भारत अभियान से जो जुड़ चुके हैं। अब ना तो गंदगी फैलाते हैं और ना होने देते हैं।

    यात्री 1: हां मैंने देखा हर जगह सफाई चल रही हैं सभी जगह कूड़ा दान है।

    यात्री 2: अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम कचरा इधर-उधर ना फेंके।

    यात्री 1: सही बात है भाई। पता नहीं अब तक ट्रेन क्यों नहीं आई टाइम तो हो गया है।

    यात्री 2: क्या मैं पूछ सकता हूँ कि आप कहाँ जा रहे हैं ?

    यात्री 1: मैं मेरी बेटी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहा हूँ। ।

    यात्री 2: आपको बधाई। मैं भी व्यावसायिक उद्देश्य से दिल्ली जा रहा हूं।

    यात्री 1: आपको क्या लगता है कि ट्रेन कब आएगी?

    यात्री 2: आ ही रही होगी तब तक आप उधर बैठ जाइए।

    यात्री 1: हां अब तो बैठने में ही भलाई है खड़े-खड़े पैर दुख गए हैं।

    यात्री 2: यह देखिए दिल्ली जाने वाली ट्रेन आ गई है।

    यात्री 1: हां, अब हमें अपनी-अपनी बोगी में बैठना चाहिए।


    संबंधित संवाद लेखन


    SHARE THIS

    Author:

    I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

    0 Comments: