Monday, 20 June 2022

फूल और डाली के बीच संवाद लेखन - Phool aur Dali ka Samvad Lekhan

फूल और डाली के बीच संवाद लेखन : In This article, We are providing फूल और डाली का संवाद लेखन and Phool aur Dali ka Samvad Lekhan for Students and teachers.

    फूल और डाली के बीच संवाद लेखन

    फूल : अहा! कितना सुहाना मौसम है। 

    डाली : हवा भी शीतल हो गयी है। 

    फूल : मुझे तो लगता है की बारिश होगी। 

    डाली : क्या तुम्हे बारिश पसंद है ?

    फूल : भला बारिश किसे पसंद न होगी ?

    डाली : भला क्यों?

    फूल : अरे भाई, जब बारिश होती है तो पेड़ की पत्तियां धूल जाती है। शाखाओं पर नए फूल आते हैं। 

    डाली : सही कहा दोस्त। सिर्फ फूल ही नहीं बल्कि नयी शाखाएं भी आती हैं। 

    फूल : इसीलिए तो बारिश पसंद है मुझे। 

    डाली : चलो दोस्त तो फिर साथ मिलकर बारिश का आनंद लेते हैं। 


    फूल और डाली का संवाद लेखन

    फूल - देखो कितनी प्यारी हवा बह रही है ।

    डाली - हां , सचमुच ! (खुशी से)

    फूल - मुझे तो झूलने का आनंद आ रहा है । (लहलहाते हुए )

    डाली - तुम मेरे आधार पर खिले हुए हो, तुम्हें झूला तो मैं ही दे रही हूं ।

    फूल - नहीं मैं पूरे पेड़ पर खिला हुआ हूं और मुझे झूला हवा दे रही है तुम नहीं ।

    डाली - मैं तो पेड़ का स्थिर हिस्सा हूं , तुम्हें तो तोड़ लिया जाता है ।

    फूल - मैं पेड़ का खूबसूरत अंश हूं इसलिए मुझे सभी चाहते हैं । ( अभिमान से )

    डाली -सोचो जरा, अगर मैं ना होती तो तुम कैसे खिलते ?

    फूल - मैं आगे रहता हूं, तुम पीछे-पीछे रहती हो । (अकड़ से )

    डाली - किन्तु सोच कर देखो तुम्हे पोषण मेरे जरिए ही प्राप्त होता है ।

    फूल - हूं (सोचते हुए)

    डाली - देखो, हमें कभी अभिमान नहीं करना चाहिए हम दोनों ही इस पेड़ के हिस्से हैं ।

    फूल - हम दोनों ही इस पेड़ पर आधारित है ।

    डाली -चलो, भाई हम इस पेड़ को वंदन करते हैं ।

    ( दोनों लहराते हुए पेड़ का स्पर्श कर लेते हैं , पेड़ मुस्कुरा उठता है )


    Phool aur Dali ka Samvad Lekhan

    डाली : फूल कैसे हो ?

    फूल : मैं ठीक हूँ डाली दीदी ?

    डाली : मैं भी ठीक हूँ।

    फूल : दीदी आप हमारा सहारा हो , आपकी वजह से उपर खिलते है।

    डाली : सहारा कैसा , यह मेरा कर्तव्य है। हम एक परिवार है। मेरी जड़े मज़बूत है इसलिए मैं आसानी से खड़ी हो सकती हूँ।

    फूल : मुझे आप पर पूरा विश्वास है आप मुझे कुछ नहीं होने दोगे।

    डाली : डर तो मुझे मानव से लगता है , जो हमें तोड़ देते है।

    फूल : सही कहा , मुझे थोड़ा सा बड़ा होने पर तोड़ देते है मुझे बहुत डर लगता है मानव से।

    डाली : मानव अपनी इस्तेमाल के लिए हमें बेरहमी से तोड़ देता है।

    फूल : मेरा मन कभी बड़े होने के लिए नहीं करता है।


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