Friday, 24 June 2022

कागज और कलम के बीच में संवाद लेखन - Dialogue Writing Between Pen and Paper in Hindi

Dialogue Writing Between Pen and Paper in Hindi : In This article, We are providing कागज और कलम के बीच में संवाद लेखन and कागज और पेंसिल के बीच संवाद लेखन for Students and teachers.

    कागज और कलम के बीच में संवाद लेखन

    कागज :  कैसी हो कलम ?

    कलम : मैं ठीक हूँ, अपनी सुनाओ। परेशान क्यों लग रही हो ?

    कागज : क्या बताऊँ! उफ़! आजकल के बच्चों ने नाक में दम कर दिया है। तुम्हें पता है पन्नों को फाड़कर उसकी नाव बनाते है और पानी में डाल देते हैं, और मुझे भिगो देता है। कभी एयरोप्लेन बनाकर हवा में उड़ाते हैं तो कभी बॉल बनाकर खेलते हैं। बच्चे तो बच्चे बड़े भी कुछ कम नहीं है।

    कलम : सच है। हम निर्जीव है तो इन्हें लगता है कि हमें दर्द नहीं होता, पर इन्हें कौन समझाए कि हमें भी दर्द होता है।

    कागज : सच कह रहे हो दोस्त। जब कोई मुझे कैंची से काटता है तो दर्द से मेरी चीख निकल जाती है। लेकिन उसे कोई सुन भी नहीं पाता।

    कलम : हाँ दोस्त मेरा हाल तुमसे कुछ अलग नहीं है। बच्चे तो मेरी निब (नोक) को तोड़ते ही रहते है। आजकल तो बाजार में युज़ एन्ड थ्रो वाले कलम आ रही है। जिसे एक बार इस्तेमाल करते हैं और इंक खत्म होने पर कूड़ेदान में फेंक देते हैं।

    कागज़ : अच्छा ऐसा क्या ?

    कलम : और तो और आजकल स्कूल के बच्चे मुझे हथियार बनाकर आपस में पेन फाईट का खेल खेलते हैं और मुझे अपने ही सगे संबंधियों से लड़ने पर मजबूर करते है। कितना दुःख होता है पर किससे कहें।

    कागज़ : वैसे कागज़ और कलम एक होकर सही हाथों में हो तो दुनिया को हिला सकते है। क्यों ठीक कह रहा हूँ न मैं।

    कलम : हाँ बिलकुल सही। और इसी वजह से हम सब दुःख दर्द सहन कर रहे हैं।


    कागज और पेंसिल के बीच संवाद लेखन

    कागज - अरे पेंसिल! क्या कर रही हो? समय क्या हुआ है? क्या सुबह हो गई?

    पेंसिल - क्या सुबह ? रात के करीब 1 बज रहे होंगे और मैं अभी खुद छीलकर तेज कर रही हूँ।

    कागज - इस समय रात में? सो जाओ!

    पेंसिल - मै क्यों सोऊँ ?

    कागज - अगर तुम सोना नहीं चाहती तो कम से कम शोर तो न करो। 

    पेंसिल - अब धार बनाने में शोर तो होगा ही। 

    कागज - बेहतर होगा कि तुम सुबह अपनी धार तेज करो!

    पेंसिल - लेकिन मैं अभी खुद को तेज करना चाहती हूँ।

    कागज - मेरे साथ इतनी कठोर मत बनो! देखो यह अच्छा नहीं है!

    पेंसिल - ठीक है ठीक है। सो जाओ मैं मजाक कर रही थी ।


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