राजनीतिक सिद्धान्त से आप क्या समझते हैं?

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राजनीतिक सिद्धांत से आप क्या समझते हैं?

पाश्चात्य राजनीतिक सिद्धांत की उत्पत्ति

प्राचीन यूनान को 'राजनीतिक सिद्धांत' के जनक होने का श्रेय दिया जाता है। 'राजनीतिक सिद्धांत का इतिहास बहुत पुराना है। 'सिद्धांत' को सभ्य मानव जाति की प्रगति का आवश्यक उपकरण माना जाता है। कोहन के अनुसार, यह शब्द एक खाली चैक के समान है जिसका सम्भावित मूल्य उसके उपयोगकर्ता एवं उसके उपयोग पर निर्भर है। 'सिद्धांत' शब्द की उत्पत्ति यूनानी शब्द 'थ्योरिया' (Theoria) से हुई है जिसका मतलब है ‘समझाने की दृष्टि'। 'सिद्धांत' वे तर्कसंगत अनुमान हैं जो किसी भी घटना क्रम के मूल कारणों की विवेचना करते हैं। 'सिद्धांत' वे प्रस्थापनाएँ हैं जिनसे किसी वस्तु की व्याख्या करने का प्रयत्न किया जाता है। सिद्धांत का मुख्य कार्य व्याख्या करना (To explain the things) है। कार्लपायर ने सिद्धांत को एक प्रकार का जाल बताया है जिससे जगत को पकड़ा जाता है ताकि उसको समझा जा सके।

राजनीतिक सिद्धांत से तात्पर्य (Meaning of Political Theory)

'राजनीतिक सिद्धांत' से अभिप्राय है कि राजनीतिक और राजनीतिक समस्याओं के बारे में विविध पक्षों का तथ्यों के आधार पर विवेचन करना और विभिन्न राजनीतिक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करना। 'राजनीतिक सिद्धांत' के अन्तर्गत राजनीतिक विचारों के इतिहास का अध्ययन किया जाता है। प्लेटो से लेकर आज तक समस्त राजनीतिक विचार राजनीतिक सिद्धांत की मूल्यवान धरोहर हैं। कुछ लेखक राजनीतिक सिद्धांत के अन्तर्गत राजनीतिक चिन्तन की चिरन्तन समस्याओं, संकल्पनाओं और विचारधाराओं-जैसे कि राज्य, प्रभुसत्ता, कानून, अधिकार, स्वतन्त्रता, समानता, लोकतन्त्र इत्यादि के विवेचन को रखते हैं। राजनीतिक सिद्धांत का सरोकार तथ्यों और मूल्यों दोनों से है। उचित और अनुचित की जांच की जाती है, और समाज के लिए उपयुक्त लक्ष्यों, नीतियों एवं कार्यक्रमों की संस्तुति की जाती है। संक्षेप में, राजनीतिक सिद्धांत राजनीति का निष्पक्ष वर्णन है।

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