मार्कस टुलियस सिसरो की जीवनी। Marcus Tullius Cicero Biography in Hindi

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मार्कस टुलियस सिसरो की जीवनी। Marcus Tullius Cicero Biography in Hindi

मार्कस टुलियस सिसरो की जीवनी। Marcus Tullius Cicero Biography in Hindi
नाम : मार्कस टुलियस सिसरो
रोम : राजनीतिज्ञ और वक्‍ता
जन्‍म : 3 जनवरी 106 ईसा पूर्व
मृत्‍यु : 7 दिसंबर, 43 ईसा पूर्व
मार्कस टुलियस सिसरो एक राजनीतिज्ञ थे। हालांकि उनका एक शानदार राजनीतिक करियर था, लेकिन वह रोम के सर्वश्रेष्‍ठ वक्‍ता और एक लेखक के रूप में जाने जाते हैं। उनका जन्‍म 3 जनवरी 106 ईसापूर्व अर्पिनम में हुआ था। सिसरो को अंग्रेजी में टूलि के नाम से जाना जाता है। एक युवा के रूप में उन्‍होंने रोम में कानून, साहित्‍य और दर्शनशास्‍त्र की पढ़ाईकी थी। कुछ दिनों तक सेना की नौकरी करने और तीन साल तक एक वकील के रूप में कार्य करने के बाद, ग्रीस और एशिया की यात्रा की। उन्‍होंने अपना अध्‍ययन भी जारी रखा। वह 77 ईसा पूर्व रोम वापस आये आपना राजनीतिक करियर प्रारंभ किया। राजनीतिज्ञ और सेनाध्‍यक्ष पॉम्‍पे से जुड़ गये। 74 ईसा पूर्व सीनेट में प्रवेश करने में सफल रहे।


हालांकि सिसेरो का परिवार रोम के अभिजात वर्ग से संबंधित नहीं था, लेकिन 64 ईसा पूर्व कानसुलशिप की प्रतिस्‍पर्धा  के लिये सबसे समृद्ध और शक्‍तिशाली रोमनिवासियोंने उनका समर्थन किया था, क्‍योंकि उन्‍हें उनके प्रतिद्वंद्वी कैटिलिने के प्रति कम सम्‍मान था। सिसेरा चुन लिये गये, लेकिन उनके प्रशासन के दौरान कैटिलिने ने सरकार को उखाड़ फेंकने के लिये एक षड्यंत्र रचा। सिसेरो ने षड्यंत्र को दबा दिया और कैटिलिनों के समूह के कईं लोगों की हत्‍या करवा दी। जूलियस सीजर और दूसरे रोमन सिनेटर ने तर्क दिया की सिसेरो ने बहुत जल्‍दबाजी में कार्य किया, षड्यंत्रकारियों को कानूनी तरीके से अपने बचाव का अवसर नहीं दिया गया, क्‍योंकि सिसेरो ने पॉम्‍पे के मुख्‍य प्रतिद्वंद्वी सीजर के साथ शांति स्‍थापित करने से इंकार कर दिया था, इसलिये 58 ईसा पूर्व उन्‍हें निर्वासनके लिये विवश किया गया। एक वर्ष मेसिडोनिया में बिताने के बाद पॉम्‍पे के उकसाने पर उन्‍हें बुला लिया गया।

51 ईसा पूर्वतक सिसेरो ने खुद को दर्शनशास्‍त्र पढ़ने और लिखने में व्‍यंस्‍त रखा, इसके बाद उन्‍होंने सिलिसिया प्रांत के प्रशासन को चलाने की जिम्‍मेदारी स्‍वीकार की। वह 50 ईसा पूर्व रोम वापस आये और पाम्‍पे के साथ काम करने लगे, जो अब सीजर का कटट्र शत्रु हो गया था। 48 ईसा पूर्व सीजर द्वारा पाम्‍पे को हराने के बाद सिसेरो को महसूस हुआ कि अब और प्रतिरोध करना बेकार है। उन्‍होंने सीजर के राजनीतिक मित्रता के प्रस्‍ताव की स्‍वीकार कर लिया, जबकि सीजर एक वास्‍तविक तानाशाह था, सिसेरो एक निजी नागरिक के तौर पर जीवन बिताते थे और इस दौरान उन्‍होंने अत्‍यधिक लेखन कार्य किया। 44 ईसा पूर्व सीजर की हत्‍या के बाद सिसेरो राजनीति में वापस आये। इस आशा के साथ कि प्रजातंत्र की पुन: बहाली हो जाएगी। उन्‍होंने रोमन कॉनसल मार्क एंटोनी के साथ सत्‍ता संघर्ष में सीजर के दत्‍तक पुत्र ओक्‍टेवियन और एंटोनी में समझौता हो गया और सिसेरा को रोम से निषिद्ध कर दिया गया। 7 दिसंबर, 43 ईसा पूर्व उनकी हत्‍या हो गई।

अपने लेखन में सिसेरो ने समृद्ध गद्य शैली का सृजन किया था, जिसका यूरोप की सभी साहित्‍य‍ि‍क भाषाओं पर व्‍यापक प्रभाव पड़ा। उनके लेखन में विविध विषयों को समेटा गया, जिनमें प्रबुद्ध लोगों की रुचि थी। उनके लगभग सभी दार्शनिक कार्य ग्रीक स्‍त्रोतों से उधार लिये गये थे और उनकी स्‍वाभाविक विशेषताओं के अलावा, अधिकतर ग्रीक दर्शन को संरक्षित करने में इनका अत्‍यधिक मूल्‍य है। उनके ऑन द रिपब्‍लिक, ऑन द लॉज, ऑन ड्यूटी और ऑन द नैचर ऑफ गॉड पर जो लेख हैं, असाधारण हैं। एक वक्‍ता रूप में बोले गये उनके जो कार्य हैं, जिन्‍हें संवादों के रूप में लिखा गया, विशेष रूप में ‘ऑन द ओरेटर’—एक उत्‍कृष्‍ट वक्‍ता के उत्‍पाद और ऐतिहासिक सामाग्री के समृद्ध स्‍त्रोत के रूप में इनका अत्‍यधिक मूल्‍य है। एक वक्‍ता के रूप में उनके चार भाषण सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, जो उन्‍होंने कैटिलिने के विरुद्ध दिये थे और चौदह, जो एंटोनी के विरुद्ध फिलिप्पिक्‍स कहलाते हैं।

सिसेरा के कार्यों में ऑन ओल्‍ड एज और ऑन फ्रेंडशिप की हमेशा सौहार्द शैली के लिये प्रशंसा की जाती है। इतिहासकारों के लिये सबसे महत्‍वपूर्ण है, सिसेरा द्वारा अपने जान-पहचान के लोगों और मित्रों को लिखे पत्रों के चार संग्रह। ये पत्र रोमन रिपब्लिक के अंतिम वर्षों की राजनीति पर जानकारी प्राप्‍त करने के बहतरीन स्‍त्रोत हैं।  

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