Saturday, 20 April 2019

विंस्‍टन चर्चिल का जीवन परिचय। Winston Churchill Biography in Hindi

विंस्‍टन चर्चिल का जीवन परिचय। Winston Churchill Biography in Hindi

नाम : विंस्टन चर्चिल
जन्‍म : 30 नवंबर, 1874
पेशा : राजनीतिज्ञ और युद्ध नेता
मृत्‍यु : 24 जनवरी, 1965
विंस्‍टन चर्चिल एक साहसी और दूरदर्शी नेता के साथ ही एक लेखक भी थे। द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान विंस्‍टन चर्चिल ने अपने देश का दृढ़ और साहसी नेतृत्‍व प्रदान किया। वह अपने साहसी और सफल नेतृत्‍व, जो उन्‍होंने गठबंधन देशों को द्वितीय विश्‍वयुद्ध (1940-1945) के दौरान प्रदान किया था, के कारण विश्‍व इतिहास में एक विशेष स्‍थान रखते हैं।

Winston Churchill Biography in Hindi
विंस्टन लियोनार्ड स्पेंसर चर्चिल का जन्म 30 नवंबर, 1874 को ब्‍लेनहेम पैलेस में हुआ था, जो महारानी ऐनी द्वारा चर्चिल के पूर्वज, ड्यूक ऑफ मार्लबोरो को दिया गया घर था। वह लॉर्ड रैंडोल्फ चर्चिल का सबसे बड़ा बेटा था। उनके पिता रैनडोल्‍फ चर्चिल ड्यूक ऑफ मार्ल बो के वंशज थे। उनकी मां, जेनी जेरोम, न्यूयॉर्क के एक व्यवसायी, लियोनार्ड जेरोम की सुंदर और प्रतिभाशाली बेटी थी। विंस्टन ने अपनी मां का बहुत सम्मान करते थे लेकिन उनके पिता के साथ उनके संबंध अच्छे नहीं थे। वह पढ़ाई में अच्‍छे नहीं थे, विशेष रूप से लैटिन या गणित का अध्ययन करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं थी। हालाँकि, उन्होंने अंग्रेजी में एक अच्छी शिक्षा प्राप्त की, और थॉमस मैकॉले के (1800-1859) लेयस ऑफ़ एंशिएंट रोम (1842) के एक हिस्से को पढ़ने के लिए एक पुरस्कार जीता।

कॉलेज में प्रवेश होने के बाद उनके अकादमिक रिकॉर्ड में बहुत सुधार हुआ। जब उन्होंने 1894 में स्नातक किया तो वह अपनी कक्षा में आठवें स्थान पर थे।

लेकिन सेना में शामिल होने में सफल रहें, फिर वह मार्निंग पोस्‍ट के संवाददाता के रूप में दक्षिणी अफ्रीका चले गए। वहां उन्‍हें जेल में डाल दिया गया, लेकिन वह बच निकलने में सफल रहे और एक नायक के रूप में वापस इंग्‍लैंड लौटे।

वह राजनीति में शामिल हो गए। उन्‍होंने अपनी प्रेमिका से शादी की। चर्चिल राजनीति में सफल रहे और गृह सचिव बन गए। शीघ्र ही उन्‍होंने त्‍यागपत्र दे दिया और पर्वतारोहण बल में कमांड के लिए अर्जी दे दी। मई, 1940 में को नार्वे से मिली हार से ब्रिटिश जनता हताश हो गई और तत्कालीन प्रधानमंत्री के प्रति  उसमे अविश्वास पैदा हो गया। १० मई को चैंबरलेन ने त्यगपत्र दे दिया और चर्चिल ने प्रधानमंत्री पद संभाला और एक सम्मिलित राष्ट्रीय सरकार का निर्माण किया।उन्‍होंने बड़े निर्णायक मोड़ पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री का पद संभाला, जब पूरा यूरोप ब्रिटेन के साथ जर्मनी के नाजी हमले को सहने वाले छोर पर था।

चर्चिल ने घोषणा की कि अंग्रेज दुश्‍मनों से हर जगह लड़ेगे, धरती पर, हवा में और पानी पर, लेकिन वह अन्‍यायपूर्ण सेनाओं के सामने समर्पण नहीं करेंगे। उनके इस वक्‍तव्‍य ने परेशान सेना और देशवासियों को आत्‍मविश्‍वास से भर दिया, फिर छह वर्षों के तीव्र संघर्ष के बाद चर्चिल अपने नेतृत्‍व में देश को विजय दिलाने में सफल रहे।

चर्चिल ने अपना प्रसिद्ध भाषण रक्‍त, आंसू और पसीना 1940 में ब्रिटिश हाउस ऑफ कामंस में दिया था। वह कुछ प्रसिद्ध किताबों के लेखक भी थे। उन्‍होंने मेमोरीज ऑफ सेकंड वर्ल्‍ड वार लिखी और उन्‍हें साहित्‍य के नोबल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया।

अक्टूबर, १९५१ के निर्वाचन में उनके दल की विजय हुई और वह पुन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त हुए। वह विश्वशांति के लिये एकाग्रचित्त होकर प्रयत्नशील रहे उन्होंने अंग्रेजी भाषाभाषियों का एक वृहत् इतिहास अपने विशिष्ट दृष्टिकोण से लिखा है। वृद्धावस्था और अस्वस्थ्य के कारण उन्होंने 5 अप्रैल 1955 को प्रधान मंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया और इस प्रकार राजनीति से अवकाश ग्रहण किया।

SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: