अकबर की कितनी बेगम थी ?

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अकबर की कितनी बेगम थी ?

जलाल उद्दीन मोहम्मद अकबर तैमूरी वंशावली के मुगल वंश का तीसरा शासक था। अकबर को अकबर-ऐ-आज़म (अर्थात अकबर महान), शहंशाह अकबर, महाबली शहंशाह के नाम से भी जाना जाता है। अकबर का जन्म राजपूत शासक राणा अमरसाल के महल उमेरकोट, सिंध (वर्तमान पाकिस्तान) में २३ नवंबर, १५४२को हुआ था।यहां बादशाह हुमायुं अपनी हाल की विवाहिता बेगम हमीदा बानो बेगम के साथ शरण लिये हुए थे।  १४ फ़रवरी, १५५६ को अकबर का राजतिलक हुआ। 

अकबर की कितनी बेगम थी ?

बादशाह अकबर ने 7 विवाह किये। इस प्रकार कहा जा सकता है कि मुग़ल बादशाह अकबर की कुल 7 बेगम थीं जिनके नाम हैं क्रमशः - रुकय्या सुल्तान, सलीमा सुल्तान, जोधा बेगम, बीबी दौलत शाद, क़सीमा बानु, भक्करी बेगम और गौहर उन निस्सा। जिनमें से रुकैया बेगम, सलीमा सुलतान, और जोधाबाई अकबर की मुख्य रानियाँ मानी जाती हैं। 

जोधा बेगम, उर्फ मरियम-उज़-ज़मानी अकबर की सबसे प्रिय पत्नी थी, वह 30 अगस्त,1569 को मुग़ल शहजादे जहाँगीर की माँ बनी। शहजादे के पैदा होने के बाद जोधा बेगम को मरियम उज़-ज़मानी बेग़म साहिबा का ख़िताब दिया गया।

अकबर की पत्नियों के नाम

  • रुकय्या सुल्तान  ( Rukaiya sultan begum)
  • सलीमा सुल्तान (Salima sultan begum)
  • मरियम-उज़-ज़मानी (Mariam-uz-zamani)
  • बीबी दौलत शाद (Bibi Daulat shad)
  • क़सीमा बानु (Qasima banu begum)
  • भक्करी बेगम (Bhakkari begum)
  • गौहर उन निस्सा (Gauhar un Nissa begum)

रुकैक्या सुल्तान बेगम

अकबर की सात पत्नियों मे रुकैक्या सुल्तान बेगम राजा की पहली पत्नी थी। इनका जन्म 1542 के करीब बताता जाता है। रुकैकया, अकबर के पिता हुमायूँ के सबसे छोटे भाई हिन्दाल मिर्ज़ा की सुपुत्री थी। इनकी माता बेगम सुलतानम थी। एक इस्लामिक पैगम्बर मुहम्मद की बेटी “Rukkyya bin mohammad” के नाम पर इनका नामकरण किया गया था। रुकैकया बेगम की अकबर के साथ मात्र 9 साल की उम्र में मगनी कर दी गई थी, जो खेलने कूदने की उम्र होती है। महज़ 14 वर्ष की आयु में 1556 मे पंजाब के जालंधर में इन दोनों का विवाह संपन्न करवा दिया गया। चूँकि 14 साल की होने के कारण रानी मे शादी के बाद भी चंचलता रही। 1557 से लेकर 1605 तक 48 साल बेगम मुगल साम्राज्य की महारानी बन के रही। इतिहास मे यह मुकाम कुछ ही लोगो को मिलता है। रानी जीवन भर निःसंतान रही, परन्तु इनने अपने पोते, राजकुमार खुर्रम में लालन पोषण में कोई कमी नही आने दी। अकबर से बेगम के संबंध बेहद उच्च दर्ज़े के रहे। 19 जनवरी 1626 को 82 वर्ष की आयु में आगरा मे उनकी मृत्यु हुई थी। काबुल के Garden Of Babar में इनकी कब्र बनी है।

सलीमा सुल्तान बेगम

अकबर की सात पत्नियों मे दूसरा स्थान बेगम सलीमा सुल्तान का है। जिनका जन्म 23 फरबरी 1539 को हुआ था। सलीमा बेगम की जड़े तैमूरी राजवंश से जुड़ी थी। इनके पिता Nur-ud-din मिर्ज़ा थे। बेगम के सबके प्रभावित करने वाले गुणों के कारण उनके पिता ने उनकी शादी बैरम खां के साथ रचा दी थी। लेकिन शायद खुदा को यह मंजूर ना था। 1561 मे बैरम खां की हत्या हो गई, जिसके बाद बेगम सलीमा विधवा हो गई। सलीमा के विधवा होने के बाद राजा ने उससे विवाह कर लिया और उनको अपनी दूसरी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। अपने राजसी जीवन मे यह रानी भी कभी माँ नही बन सकी। जब रानी 73 साल की थी, तब 15 दिसम्बर 1612 मे परलोक सिधार गई। मन्दरकार बाग़ आगरा में इनकी कब्र है,

जोधा बेगम

मरियम-उज़-ज़मानी, जिसे आमतौर पर 'जोधा बाई' के नाम से जाना जाता है मुगल सम्राट अकबर की पसंदीदा पत्नी थीं। उन्हें अकबर की पसंदीदा और प्रभावशाली पत्नी के रूप में वर्णित किया गया है, जिसका अदालत के मामलों में काफी प्रभाव है। वह अकबर के सबसे बड़े जीवित पुत्र और अंततः उत्तराधिकारी, जहाँगीर की माँ और शाहजहाँ की दादी थीं।.

वह आमेर रियासत के राजा भारमल की सबसे बड़ी सुपुत्री थी। इनकी माता का नाम रानी चंपावती था। जोधा का जन्म सन 1542 मे हुआ था। जोधा को हरका बाई, हीर कुंवर नाम से भी जाना जाता था। अकबर से शादी के बाद मुगल साम्राज्य मे इनको “Mariyam-uz-Zamani के नाम से जानी गई। अपनी पहली दो पत्नियों के निःसंतान रहने के बाद अकबर ने 6 फरबरी 1562 को राजस्थान के सांभर मे जोधा से विवाह रचाया। जोधा की पहली दो संताने हसन एवं हुसैन जन्म के कुछ महीनों बाद ही मर गये। जिसके कारण राजा को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी। परंतु 31 अगस्त 1569 में जोधा ने एक लड़के को जन्म दिया, जिसका नाम सलीम था। सलीम अकबर का प्रियतम पुत्र था। जो बाद में मुगल सल्तनत का राजा जहाँगीर के रूप में जाना गया। जोधा की मौत 19 मई 1623 को बताई जाती है।

बीबी दौलत शाद

अकबर की यह बेगम उनकी पहली नज़र के प्यार का परिणाम थी। बात 1562 की थी, अकबर की एक शिकार के दौरान बेगम पर नज़र पड़ी। बेगम की खूबसूरती पर राजा फिदा हो गये। अबुल वासी से पहले से विवाह रचा चुकी बेगम को शाही आदेश का पालन करना पड़ा। अबुल वासी से तलाक दिलाकर अकबर 1562 मे इनसे विवाह रचा लिया। इनके पिता मुबारक शाह थे। राजा को इनसे दो पुत्री प्राप्त हुई। पहली 1572 में जिसका नाम Shakrunissa एवं दूसरी 1582 में जिसको Aram Bano के नाम से जाना गया।

अकबर की अन्य तीन पत्नियों के बारे में इतिहास से जानकारी कम मिलती है। परंतु इनका राजा के जीवन मे विशेष योगदान रहा है।

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