जंगल में मंगल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Jangal me Mangal Hona Muhavare ka Arth aur Vakya Pryog)

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जंगल में मंगल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Jangal me Mangal Hona Muhavare ka Arth aur Vakya Pryog)

जंगल में मंगल होना मुहावरे का अर्थ– निर्जन स्थान में भी आनंद का मिलना, किसी सुनसान जगह में रौनक का होना; उजाड़ में चहल-पहल होना; बियाबान स्थान का चमन होना। 

जंगल में मंगल होना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

जंगल में मंगल होना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग– दिल्ली के आस-पास के क्षेत्रों के राजधानी क्षेत्र में आ जाने से जंगल में मंगल हो गया। 

वाक्य प्रयोग– बचपन में इस सड़क पर लोग अकेले आने में डरते थे और आज देखो कैसे यहाँ जंगल में मंगल हो गया 

वाक्य प्रयोग– पहले यहाँ सिर्फ शेर और भालू ही रहते थे। जब से मंदिर बना है, जंगल में मंगल हो रहा है। लोग आते-जाते रहते हैं। 

वाक्य प्रयोग– कर्मवीर कर्म के बलबूते पर जंगल में मंगल मना लेते हैं और जो आलसी होते हैं वे संसाधनों के होते हुए भी कुछ नहीं कर पाते। 

वाक्य प्रयोग– नयी सरकार आने के बाद से तुम्हारे गांव का जो विकास हुआ है उससे तो बस जंगल में मंगल वाली कहवाह चरितार्थ हो गयी है। 

वाक्य प्रयोग– हमारे गांव में सरकारी अस्पताल खुलने से जंगल में मंगल हो गया। अब हमें इलाज के लिए शहर नहीं जाता पड़ता। 

यहां हमने “जंगल में मंगल होना” जैसे प्रसिद्ध मुहावरे का अर्थ और उसका वाक्य प्रयोग समझाया है। जंगल में मंगल होना मुहावरे का अर्थ होता है– निर्जन स्थान में भी आनंद का मिलना, किसी सुनसान जगह में रौनक का होना; उजाड़ में चहल-पहल होना; बियाबान स्थान का चमन होना। जब किसी निर्जन स्थान पर सभी सुख-सुविधाएँ मिल जाएँ या उस इलाके का कायाकल्प हो जाये तो जंगल में मंगल होना कहावत का प्रयोग करते हैं।

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