Sunday, 12 June 2022

दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को संवाद के रूप में लिखिए

दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को संवाद के रूप में लिखिए : In This article, We are providing दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद पर संवाद लेखन samvad lekhan for Students and teachers.

    दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को संवाद के रूप में लिखिए

    नितीश : अरे रजत बच्चे पर क्यों चिल्ला रहे हो ?

    रजत : देखते नहीं तुम्हारे बच्चे ने बॉल से मेरी खिड़की तोड़ दी। 

    नितीश : पर मेरा बच्चा अकेला तो था। खेल तो तुम्हारा बच्चा भी रहा था। उसे क्यों नहीं डांटते ?

    रजत : वाह जी वाह ! अपने बच्चे की गलती छुपाई जा रही है। 

    नितीश : कोई गलती नहीं छुपाई जा रही है। पर लगता है आपको बात करने की तमीज नहीं है। 

    रजत : अब आप मुझे तमीज सिखाएंगे ?

    नितीश : बिलकुल। आप ही बताइये क्या आपको बच्चों पर ऐसे चिल्लाना चाहिए ?

    रजत : तो क्या उन्हें शीशा तोड़ने के लिए शाबाशी देनी चाहिए ?

    नितीश : मैं बस इतना कह रहा हूँ की यही बात आप प्यार से भी समझा सकते थे। 

    रजत : आप सही कह रहे हैं। मुझसे सच में गलती हुई। 

    नितीशकोई बात नहीं।  और आपकी खिड़की में मैं कांच लगवा दूंगा। 

    रजत : शर्मिंदा न करो। 


    दो पड़ोसियों के बीच हुए विवाद पर संवाद लेखन

    नितीश : अरे रजत ! तुम यह कूड़े का थैला रोज बाहर क्यों रख देते हो ?

    रजत : क्यों इस कूड़े के थैले से तुम्हे क्या दिक्कत है ?

    नितीश : दिक्कत यह है कि रोज कोई न कोई कुत्ता या गाय इस कूड़े को यहाँ-वहाँ फैला देते हैं और घर के बाहर फैला हुआ कूड़ा क्या अच्छा लगता है ?

    रजत : अब यदि कूड़े वाला नहीं ले जाता है तो मैं क्या करूँ ?

    नितीश : अरे, जब कूड़े वाला आता है तब उसे कूड़ा दिया करो । ऐसे पहले से ही बाहर क्यों रख देते हो जानवरों के लिए ? सारी सड़क पर कूड़ा फ़ैल जाता है और गाड़ियाँ उस पर चलती हैं तो और भी गन्दा हो जाता है।

    रजत : जब वह आता है तब हम व्यस्त होते हैं ।

    नितीश : यदि उस समय तुम व्यस्त होते हो तो कूड़ा ऊपर रखने का कोई तरीका सोचो । तुम अपने गेट पर या दीवार पर बाहर की तरफ कोई डब्बा क्यों नहीं लटका देते जिससे कूड़े का थैला उसमे रखा जा सके । देखो मुझे तुमसे कोई दुश्मनी तो है नहीं पर जिस काम से पड़ोसियों को दिक्कत हो उसका उपाय तो निकाला ही जा सकता है ना ।

    रजत : तुम सही कह रहे हो नितीश ।मेरी वजह से जो दिक्कत हुई है उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूँ और मैं आज ही यहाँ कूड़े के लिए डब्बा लगवाता हूँ ।


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