Wednesday, 8 January 2020

अनानास पर निबंध। Essay on Pineapple Fruit in Hindi

अनानास पर निबंध। Essay on Pineapple Fruit in Hindi

Essay on Pineapple Fruit in Hindi : अनानास उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के उत्कृष्ट फलों में से एक है। अपनी विशेष सुगंध और उत्तम स्वाद के कारण यह सार्वभौमिक रूप से लोकप्रिय फल है। इसका वैज्ञानिक नाम अननास कोमोसस है। अनानास का शाब्दिक अर्थ "उत्कृष्ट फल" होता है। यह फल पोषक तत्त्वों से परिपूर्ण है।अनानास का फल 100 से 200 व्यक्तिगत फूलों के संलयन का परिणाम है।

यह मूलतः पैराग्वे एवं दक्षिणी ब्राज़ील का फल है। कोलंबस और उसके साथी पहले यूरोपियन थे, जिन्होंने इसे चखा। सन् 1493 में गौडेलोप के द्वीप पर उतरने पर उन्होंने इस फल को देखा। यूरोप और एशिया में अनानास की खेती के बाद, लोगों ने बड़े पैमाने पर इसकी खेती करना शुरू कर दिया। 

अनानास को ताजा काट कर भी खाया जाता है और रस निकाल कर भी सेवन किया जाता है। अनानास के लगभग सभी भागों का उपयोग सिरका और शराब के उत्पादन में किया जा सकता है। अखाद्य भागों का उपयोग घरेलू पशुओं के भोजन के रूप में किया जा सकता है।

अब अनानास बहुत से उष्णकटिबंधीय और उप उष्णकटिबंधीय देशों में बहुतायत से उगाया जाता है। अनानास के प्रमुख उत्पादकों में थाईलैंड, फिलीपींस, भारत, चीन, ब्राजील और अमेरिकी राज्य हवाई शामिल हैं। भारत में असम और केरल इसके उत्पादन में अग्रणी हैं। पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, उड़ीसा, गोवा, कर्नाटक और तटवर्ती आंध्र प्रदेश में भी इसे उगाया जाता है।

आहार मूल्य
अनानास में उच्च आहार मूल्य समाहित हैं। खाद्य भाग ताजा फल का 60 प्रतिशत रहता है। अनुमानतः इसमें प्रति 100 ग्राम में जल 87.8, प्रोटीन 0.4, वसा 0.1, खनिज पदार्थ 0.4, रेशा 0.5 और कार्बोहाइड्रेट 10.8 प्रतिशत रहता है। इसके खनिज पदार्थ और विटामिन पदार्थ की मात्रा कैल्सियम 20, फॉस्फोरस 9, लौह 1.2, कैरोटीन 18, थायमिन 0.20, रिबोफ्लोविन 0.12, नायमिन 0.1 और विटामिन 'सी' 39 मि.ग्रा. रहता है। इसका कैलोरिक मूल्य 46 है।

सामान्यत: इसमें स्टार्च नहीं रहता, क्योंकि जैसे ही फल पकता है, तने का स्टार्च शर्करा में बदल जाता है। अनन्नास में क्षारीय प्रतिक्रिया होती है। फल का गूदा एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करता है और कठोर छिलका इसे महामारी एवं कीटनाशकों दोनों से सुरक्षित रखता है।

औषधीय उपयोग चिकित्सा की दृष्टि से अनन्नास अति महत्त्वपूर्ण फलों में से एक है। इसमें ब्रोमोलिन नामक रस उपस्थित रहता है, जो काफी हद तक पपैन के समान होता है। यह पाचक और पोषक तत्त्वों के घुलने में मदद करता है और शरीर के तरल पदार्थ को बहुत अम्लीय या क्षारीय होने से रोकता है। यह मांस, अंडे की सफेदी, दूध के केसिन, मछली और दालों को पचाने में मदद करता है। अतः यह प्रोटीनयुक्त भोजन के अंत में लेना बहुत फायदेमंद है।

अनानास का रस महत्त्वपूर्ण फलों के रसों में से एक है। सौभाग्य से यह रस डिब्बाबंद रसों के रूप में हमेशा उपलब्ध रहता है, जो उतना ही गुणकारी होता है जितना ताजे फल का रस। जब ताजा रस में शहद मिलाया जाता है तो यह कमजोर मरीजों का अति पोषक और स्फूर्तिदायक पेय बन जाता है।

सामान्य उपयोग
आमतौर पर अनानास का उपयोग उष्णकटिबंध और उप उष्णकटिबंध में किया जाता है। अनन्नास का रस व्यापक पैमाने पर उपयोग में लाया जाता है। अनानास का गूदा विभिन्न रूपों में डिब्बाबंद किया जाता है। इसका जैम और मामलेड भी बनाया जाता है।

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