Monday, 29 April 2019

लियोनार्डो दा विंची का जीवन परिचय Leonardo da Vinci Biography in Hindi

लियोनार्डो दा विंची का जीवन परिचय। Leonardo da Vinci Biography in Hindi

जन्म: १५ अप्रैल, १४५२
जन्म स्थान : विंची, इटली
निधन: 2 मई, 1519 Amboise, फ्रांस
पेशा : इतालवी कलाकार, चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुकार, इंजीनियर और वैज्ञानिक

लियोनार्डो दा विंची एक इतालवी चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुकार, इंजीनियर और वैज्ञानिक थे। वह इतालवी पुनर्जागरण की सबसे बड़ी शख्सियतों में से एक थे।

Leonardo da Vinci Biography in Hindi
प्रारंभिक जीवन :  लियोनार्डो दा विंची का जन्म 15 अप्रैल 1452 को फ्लोरेंस से लगभग 25 मील पश्चिम में विंसी गाँव के पास हुआ था। वह एक स्थानीय महिला कैटरिना और सेर पिएरो दा विंची का नाजायज बेटा था जो फ्लोरेंस का एक प्रमुख नोटरी अधिकारी था। लियोनार्डो के बचपन के बारे में ज्यादा कुछ नहीं जाना जा सका, सिवाय इसके कि जब वह पंद्रह साल के थे, तब उन्हें एंड्रिया डेल वेरोकियो (1435–1488) द्वारा प्रशिक्षित किया गया था, जो फ्लोरेंस और शुरुआती पुनर्जागरण के प्रमुख कलाकार थे।

दा विंची का धर्म : पोप के संरक्षक होने के बावजूद, दा विंची एक रूढ़िवादी कैथोलिक नहीं था। वासरी दा विंची के बारे में लिखते हैं कि, "उसका मन इतना विधर्मी था कि वह किसी भी धर्म का पालन नहीं करता था, शायद यह सोचकर कि ईसाई से दार्शनिक होना बेहतर था।"

वेरोकियो की कार्यशाला में सहायक : लियोनार्डो ने अपना प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे राज्यों की दुकान में सहायक के रूप में कार्य किया उनका सबसे पहला कार्य हम वेरोकियो की पेंटिंग "बप्तीस्म ऑफ़ क्राइस्ट" में देख सकते हैं जो उन्होंने 1475 ईस्वी में बनाई इस पेंटिंग में उन्होंने दो स्वर्ग दूतों को चित्रित किया साथ ही पेंटिंग में दूरी पर दिखने वाले दृश्य भी उन्होंने ही बनाए। जीसस क्राइस्ट के शरीर की त्वचा की बनावट का निर्धारण भी उन्होंने ही किया। इस प्रकार इस पेंटिंग को अंतिम रूप देने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई। 

इटली के पुनर्जागरण काल के दौरान एक मास्टर तथा उसके सहायक द्वारा किसी एक प्रमुख परियोजना या पेंटिंग पर मिलकर काम करना एक मानक प्रक्रिया होती थी।  इसमें सबसे विशेष बात यह है कि लिए लियोनार्डो द्वारा किया गया काम वेरोकियो द्वारा किए गए काम से कहीं से भी कम नहीं लगता बल्कि वह पेंटिंग को और भी बेहतर बना देता है।

लियोनार्डो के आविष्कार तथा खोजें: इस अवधि में लियोनार्डो ने इंजीनियरिंग, विज्ञान और अन्य विषयों में भी अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाया। ऐसा लग रहा था कि मानो उनकी रुचियों का कोई अंत ही नहीं है। उन्होंने अपने दस्तावेज लिखने के लिए एक जटिल दर्पण प्रक्रिया अपनाई जिसको उनके जीवन काल में कोई भी पढ़ नहीं पाया। वह मशीनों के जटिल मॉडल भी बनाए। उड़ान के प्रति उनमें एक विशेष आकर्षण था। वह पक्षियों को सिर्फ इसलिए खरीदते थे ताकि वह उन्हें छोड़कर उनकी उड़ने का आनंद ले सकें। लियोनार्डो द विंची ने खुद भी एक उड़ने वाली मशीन बनाने का प्रयास किया। उन्होंने पेपर पर जो मशीन बनाई भविष्य में उन्होंने ही हेलीकॉप्टर का रूप ले लिया। अगर  उनकी औषधीय अध्ययन प्रकाशित हो गए होते तो इससे विज्ञान जगत में क्रांति आ जाती क्योंकि वह शरीर के भीतर रक्त के संचार को समझने वाले पहले व्यक्तियों में से एक थे। उन्होंने यह भी जाना कि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है और बाद में कोपरनिकस और गैलीलियो ने यह खोज की। इस प्रकार लियोनार्डो द विंची एक महान वैज्ञानिक चित्रकार और आविष्कारक थे।

मोनालिसा पेंटिंग : मोनालिसा-लिसा घेरार्दिनी का एक चित्र है जो फ्रांसेस्को डेल गिओकोंडो की पत्नी थी। इस पेंटिंग को लकड़ी पर तेल द्वारा चित्रित किया गया है। मूल पेंटिंग का आकार 77 x 53 सेमी (30 x 20 7/8 इंच) है और फ्रांस सरकार की संपत्ति है। यह फ्रांस के पेरिस में लौवर संग्रहालय की दीवार पर लटका हुआ है।
हालांकि कला की दुनिया में, मोनालिसा को एक उत्कृष्ट कृति माना जाता था। लेकिन यह 1911 की गर्मियों में चोरी होने तक इतना लोकप्रिय नहीं था। इस घटना ने आम जनता का ध्यान खींचा। अखबारों ने अपराध की कहानी दुनिया भर में फैलाई। जब पेंटिंग को आखिरकार दो साल बाद लौवर संग्रहालय में वापस लाया गया, तो यह पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया।

दा विंची का निजी जीवन : लियोनार्डो जीवन भर अविवाहित रहे उन्होंने ना तो शादी की ना ही उनके बच्चे थे। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन को समाज से छिपाकर रखा। वह अपने शिष्यों सलाई और मेलजी के काफी करीब थे। अपने जीवन का ज्यादातर समय उन्होंने आशावादियों और पेंटिंग बनाने में बिताया। अगर उस वक्त के तथ्यों की जांच की जाए तो पता चलता है कि लियोनार्डो द विंची एक स्पष्ट व्यक्तित्व वह शारीरिक रूप से तो सुंदर थे ही साथ ही साथ उनमें एक सर्वश्रेष्ठ नैतिक चरित्र भी था। वह सत्य को ही अपना धर्म मानते थे।

सन 1550 में सबसे पहले उनकी जीवनी लिखने वाले जॉर्जिया बसारी उनके बारे में लिखते हैं कि:
"वह शारीरिक रूप से तो सुंदर थे ही साथ ही उनके व्यक्तित्व में एक असीम आभा था। वह एक अद्वितीय व्यक्ति थे। उनके जीवन में जो भी कठिनाइयां आई हैं उन सभी को उन्होंने अपने बुद्धिमत्ता से बड़ी ही आसानी से हल कर लिया।"

दा विंची की एक उल्लेखनीय विशेषता सत्य, जीवन और जीवित प्राणियों के लिए उनका व्यापक सम्मान और श्रद्धा थी। उन्होंने शाकाहारी भोजन अपनाया और पिंजरे में बंद पक्षियों को खरीदा ताकि वह उन्हें मुक्त कर सके। उन्होंने कहा: “The time will come when men such as I will look upon the murder of animals as they now look upon the murder of men.”

1506-1510 के बीच, लियोनार्डो ने मिलान में बहुत उदार फ्रांसीसी राजा लोइस XII के लिए काम करने में समय बिताया। 1513 में उन्होंने वेटिकन, रोम की यात्रा की, जहां उन्होंने मेडिसी पोप, लियो एक्स के संरक्षण का आनंद लिया। यहां, दा विंची ने महान मास्टर्स माइकल एंजेलो और राफेल जैसे समकालीनों के साथ काम किया। हालांकि, जल्द ही माइकल एंजेलो और दा विंची के बीच एक तीव्र प्रतिद्वंद्विता शुरू हुई।

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