Thursday, 6 September 2018

प्रदूषण और वृक्षारोपण पर संस्कृत संवाद लेखन। Samvad Lekhan in Sanskrit

प्रदूषण और वृक्षारोपण पर संस्कृत संवाद लेखन। Samvad Lekhan in Sanskrit

 Samvad Lekhan in Sanskrit
अध्यापकः - भोः छात्राः! अद्य विद्यालये वृक्षरोपणं भविष्यति। 
छात्राः        - कदा कुत्र च भविष्यति?
अध्यापकः - एकादशवादने क्रीडाक्षेत्रे वृक्षरोपणं भविष्यति। 
छात्राः        - श्रीमन्! कथम् अद्य वृक्षरोपणं भवति?
अध्यापकः - छात्राः! वर्तमाने औद्योगिके युगे पर्यावरणप्रदूषणस्य समस्या अनुदिनं विकरालम् रूपं धारयति। 
छात्राः        - श्रीमन्! पर्यावरण-प्रदूषणं किम् भवति?
अध्यापकः - प्रदूषणं अनेकरूपेण वर्तते यथा-वायुप्रदूषणं, जलप्रदूषणं, ध्वनिप्रदूषणं च।  अनेन प्रदूषणेन सम्पूर्णं वायुमंडलं दूषितं भवति। 
छात्राः        - अस्यां स्थितौ प्रदूषणं-निवारणं अस्माकं नैतिकं कर्तव्यमस्ति। 
अध्यापकः - आम् बालकाः! वृक्षारोपणं तु अस्याः समस्यायाः एकं सरलं समाधानं अस्ति। 

हिंदी अनुवाद 
अध्यापक - हे छात्रों! आज विद्यालय में वृक्षारोपण होगा। 
छात्रा        - कब  और कहाँ होगा?
अध्यापक - ग्यारह बजे खेल के मैदान में वृक्षारोपण होगा। 
छात्र         - श्रीमान ! वृक्षारोपण कैसे होता है ?
अध्यापक - छात्रों! वर्तमान औद्योगिक युग में पर्यावरण प्रदूषण की समस्या प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। 
छात्र         - श्रीमान! प्रदूषण क्या होता है ?
अध्यापक - प्रदूषण के अनेक रूप होते हैं जैसे वायुप्रदूषण, जलप्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण। इसके द्वारा सम्पूर्ण पर्यावरण दूषित होता है। 
छात्र         - इस स्थिति में प्रयावरण की सुरक्षा हमारा परम कर्तव्य होता है। 
अध्यापक - हाँ बच्चों ! वृक्षारोपण ही इस समस्या का एक सरल उपाय है। 

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