Friday, 23 June 2017

अनुच्छेद लेखन Anuched lekhan in Hindi

अनुच्छेद लेखन कक्षा 4 ,5 ,6 ,7 ,8 के लिए 
अनुच्छेद लेखन Anuched lekan in Hindi

अनुच्छेद लेखन:अनुच्छेद लेखन गद्य की लघु विधा है। इसमें किसी वाक्य विचार,अनुभव या दृश्य को कम से कम शब्दों में व्यक्त करना होता है। छोटे-छोटे वाक्य और गति हुई  अनुच्छेद लेखन की महत्वपूर्ण विशेषता है। यह बच्चो की सृजनात्मकता क्षमता को बढ़ाने का बहुत ही अच्छा माध्यम है। 
अनुच्छेद लिखते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान रखना आवश्यक है। 
  1. दिए गए विषय को 10 से 12 वाक्यों या 100 से 200 शब्दों में व्यक्त करना  होता है। 
  2. वाक्य छोटे तथा एक दुसरे से जुड़े होते हैं। 
  3. लेखन का आरम्भ सीधे विषय से होता है। किसी भूमिका या परिचय की आवश्यकता  नहीं होती है। 
  4. विचारों का प्रवाह स्पष्ट होना चाहिए। 
  5. उदाहरण का संकेत ही पर्याप्त होता है। 
  6. भाषा सरल, स्पष्ट तथा मुहावरेयुक्त होनी चाहिए। 
  7. विषय का विस्तार सीधे होना चाहिए। अनुच्छेद सीधा और ठोस होता है। 
  8. रोचकता बनाये रखना अनुच्छेद लेखन की विशेषता होती है। 
  9. अनुच्छेद के अंत में निष्कर्ष समझ में आ जाना चाहिए यानी विषय समझ में आ जाना चाहिए।
  10.  यदि अनुच्छेद लेखन के संकेत बिंदु दिए गए हैं तो उन्ही के आधार पर विषय का क्रम तैयार करना चाहिए।
 अनुच्छेद लेखन के उदहारण निम्नलिखित हैं। 



बरसात का एक दिन 
तपती गर्मी के बाद वर्षा ऋतू आती है। एक बार वर्षा ऋतू में लोग पानी बरसने की प्रतीक्षा कर रहे थे। पानी था की बरसने का नाम ही नहीं ले रहा था। कभी-कभी बूंदा-बांदी होती थी पर पानी जोरों से नहीं बरस रहा था। उस दिन सुबह से ही आकाश में घने बादल छाए हुए थे। थोड़ी देर में पा नई बरसना शुरू हो गया, वह भी जोरों से। मई अपने ,मित्रों के साथ बाहर निकलाया। हम बच्चों को तो मानों नया जीवन मिल गया हो। हम पानी में खूब खेले। कागज़ की नाव बनाई। पानी में उन्हें तैराया। पानी बरसना बंद हुआ तो हम घर के अंदर आ गया। पर यह क्या! बारिश अचानक बंद हो गयी। आसमान से बादल गायब हो गया और सूरज निकल आया। मुझे माँ की बात याद आ गयी। कोई भी चीज हमेशा नहीं रहती। बारिश की मस्ती भी नहीं रही। अब गर्मी की उमस भी नहीं रहेगी। 



मेरी स्कूल बस 
मेरी स्कूल बस टाटा कंपनी की है। यह नीली और सफ़ेद रंग की बस है।  मुझे ऐसा लगता है की यह बस मेरे जीवन का बहुत जरुरी हिस्सा है। इसी के सहारे मई समय पर स्कूल पहुंचता हूँ और समय पर घर आता हूँ। मेरी बस में लाल और नीली सीटें है। हमारा बस कंडक्टर डेली बस साफ़ करता है। वस् एक-एक बच्चे का ध्यान रखता है और उन्हें संभाल कर बस से चढ़ाता और उतारता है। यदि हमारी कोई चीज बस में छूट जाए तो अगले दिन कंडक्टर गले दिन हमें चीज दे देता है। हमारा बस दृवार भी बहुत अच्छा है। वह समय का ध्यान रखता है। बस को बहुत ध्यान से चलाता है। वर बस ना ज्यादा तेज़ ना ज्यादा धीरे चलाता है। मुझे इस बस से स्कूल जाना बहुत अच्छा लगता है। 



मेरा प्रिय खेल 
मेरी माँ कहती है की "स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क रहता है" शरीर तभी स्वस्थ रहता है जब हम व्यायाम करते हैं। व्यायाम का सबसे आसान साधन खेल है।  हमारा तन व मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। मेरा प्रिय खेल क्रिकेट है। यह भारत का एक लोकप्रिय खेल है। इस खेल में दो टीमें होती हैं। प्रत्येक टीम में ग्यारह-ग्यारह खिलाड़ी होते हैं। बल्लेबाजी करने वाली टीम के दो खिलाड़ी मैदान में होते हैं। बॉलिंग करने वाली टीम के सभी ग्यारह खिलाड़ी मैदान में होते हैं। मुझे यह खेल इसलिए  भाता है क्योंकि यह खेल अत्यंत रोमांचक होता है। मई एक अच्छा बल्लेबाज हूँ। अतः मुझे बल्लेबाजी करना अच्छा लगता है। मुझे सबसे अच्छा लगता है चौके-छक्के मारकर विरोधी टीम को इधर-उधर दौड़ाना और मैन ऑफ द मैच बनना। 


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