Friday, 23 June 2017

वन और हमारा पर्यावरण पर अनुच्छेद लेखन

वन और हमारा पर्यावरण पर अनुच्छेद लेखन 

वन और हमारा पर्यावरण पर अनुच्छेद लेखन
संकेत बिंदु :

  • वन और पर्यावरण का सम्बन्ध,
  • वन प्रदुषण-निवारण में सहायक, 
  • वनों की उपयोगिता, 
  • वन संरक्षण की आवश्यकता, 
  • वन संरक्षण के उपाय। 
वन और पर्यावरण का बहुत गहरा सम्बन्ध है। प्रकृति के संतुलन को बनाये रखने के लिए पृथ्वी के 33% भाग को  भरा होना चाहिए। वन जीवनदायक हैं। ये वर्षा कराने में सहायक होते हैं। धरती की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाते हैं। वनों से भूमि का कटाव रोका जा सकता है। वनों से मृदा अपरदन को रोका जा सकता है। रेगिस्तान का फैलाव रुकता है, सूखा कम पड़ता है। इससे ध्वनि प्रदुषण की भयंकर समस्या से निदान पाया जा सकता है। वन ही नदियों, झरनों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के भण्डार हैं। वनों से हमें लकड़ी ,फल, फूल, खाद्य पदार्थ, गोंद  तथा अन्य सामान प्राप्त होते हैं। आज भारत में दुर्भाग्य से केवल 23 % वन बचे हैं। जैसे -जैसे उद्योगों को संख्या बढ़ रही है ,शहरीकरण हो रहा है ,वाहनों की संख्या बढ़ती जा रही है ,वैसे-वैसे वनों की आवश्यकता और बढ़ती जा रही है। वन संरक्षण एक कठिन एवं महत्वपूर्ण काम है। इसमें हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी पड़ेगी और अपना योगदान देना होगा। अपने घर-मोहल्ले ,नगर में  संख्या में वृक्षारोपण को बढाकर इसको एक आंदोलन के  रूप में आगे बढ़ाना होगा। 

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