खीरा ककड़ी समझना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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खीरा ककड़ी समझना मुहावरे का अर्थ

खीरा ककड़ी समझना मुहावरे का अर्थ होता है– कमजोर समझना; दुर्बल और तुच्छ समझना, हेय समझना।

खीरा ककड़ी समझना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- चीन का समर्थन पाकर पाकिस्तान आए दिन अपनी शक्ति का प्रदर्शन करता रहता है। वह अपने पड़ोसी देशों को खीरा ककड़ी समझने की भूल कर बैठता है। 

वाक्य प्रयोग- इंस्पेक्टर साहब हर किसी को खीरा ककड़ी समझकर हड़काया करते थे, एकदिन उन्होंने यही हरकत जिलाधिकारी के साथ कर दी और निलंबित कर दिया गए। 

वाक्य प्रयोग- क्या तुमने मुझे खीरा ककड़ी समझ रखा है ? मैं तुम्हारी ईट से ईट बजा दूंगा। 

वाक्य प्रयोग- हमें अपनी ताकत के अहंकार में दूसरों को खीरा ककड़ी नहीं समझना चाहिए क्योंकि समय सबसे बलवान होता है। 

वाक्य प्रयोग- जो रोहन सभी को खीरा ककड़ी समझता था, आज उन्ही लोगों की मदद का मोहताज है। 

वाक्य प्रयोग- हमारे अंग्रेजी के अध्यापक तो हर किसी को खीरा ककड़ी समझते हैं। वे तो प्रधानाचार्य जी से भी नहीं डरते। 

खीरा ककड़ी समझना एक प्रसिद्ध हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है– कमजोर समझना; दुर्बल और तुच्छ समझना, हेय समझना। जब कोई व्यक्ति अपनी ताकत के घमंड में दूसरों को बहुत ही कमजोर समझता है तो उस व्यक्ति के लिए इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

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