Wednesday, 27 July 2022

10 Lines on Sant Ravidas in Hindi - संत रविदास पर 10 वाक्य का निबंध

10 Lines on Sant Ravidas in Hindi - संत रविदास पर 10 वाक्य का निबंध

    10 Lines on Sant Ravidas in Hindi

    1. संत रविदास जी का जन्म संवत 1377 माघ पूर्णिमा के दिन वाराणसी में हुआ था। 
    2. संत रविदास के पिता संतोख दास तथा माता का नाम कलसांं देवी था।
    3. संत रविदास की पत्नी का नाम लोना देवी बताया जाता है। 
    4. रविदास जी चर्मकार कुल से होने के कारण वे जूते बनाते थे।
    5. संत रविदास जी प्राय: मूल्य लिये बिना जूते भेंट कर दिया करते थे। 
    6. संत रविदास जी ने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की। 
    7. रैदास ने साधु-सन्तों की संगति से पर्याप्त आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। 
    8. निर्गुण धारा के संत रविदास की ईश्वर में अटूट श्रद्धा थी। 
    9. संत रविदास जी को मीरा बाई का आध्यात्मिक गुरु भी माना जाता है। 
    10. उनका सहज भक्ति मार्ग आज भी संपूर्ण मानव समाज का पथप्रदर्शन कर रहा है।


    रविदास जयंती पर 10 लाइन का निबंध

    1. संत रविदास जी का जन्म माघ पूर्णिमा दिन संवत 1377 को हुआ था। 
    2. प्रतिवर्ष रविदास जी के जन्मदिवस को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है। 
    3. संत रविदास जी ने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की। 
    4. संत रविदास का पूरा जीवन काल 1450 से 1520 तक माना जाता है। 
    5. संत रविदास जी का जन्म वाराणसी के पास के गांव में हुआ था। 
    6. संत रविदास के पिता संतोख दास तथा माता का नाम कलसांं देवी था।
    7. संत रविदास की पत्नी का नाम लोना देवी बताया जाता है। 
    8. रविदास जी चर्मकार कुल से होने के कारण वे जूते बनाते थे।
    9. संत रविदास जी प्राय: मूल्य लिये बिना जूते भेंट कर दिया करते थे। 
    10. संत रविदास ने सबको परस्पर मिलजुल कर प्रेमपूर्वक रहने का उपदेश दिया।


    20 lines about Raidas in Hindi

    1. संत रविदास जी का जन्म माघ पूर्णिमा दिन संवत 1377 को हुआ था। 
    2. संत रविदास जी ने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की। 
    3. संत रविदास का पूरा जीवन काल 1450 से 1520 तक माना जाता है। 
    4. संत रविदास जी का जन्म वाराणसी के पास के गांव में हुआ था। 
    5. संत रविदास के पिता संतोख दास तथा माता का नाम कलसांं देवी था।
    6. संत रविदास के पिता मल साम्राज्य के राजा नगर के सरपंच थे। 
    7. संत रविदास की पत्नी का नाम लोना देवी बताया जाता है। 
    8. रविदास जी चर्मकार कुल से होने के कारण वे जूते बनाते थे।
    9. संत रविदास जी प्राय: मूल्य लिये बिना जूते भेंट कर दिया करते थे। 
    10. संत रविदास को रैदासजी के नाम से भी जाना जाता है।
    11. संत रविदासजी बचपन में ही भक्ति में लीन रहते थे।
    12. रैदास ने साधु-सन्तों की संगति से पर्याप्त आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया। 
    13. निर्गुण धारा के संत रविदास की ईश्वर में अटूट श्रद्धा थी। 
    14. संत रविदास जी को मीरा बाई का आध्यात्मिक गुरु भी माना जाता है। 
    15. उनके भक्ति छंद सिख धर्मग्रंथों, गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं।
    16. रविदास ने समाज को बदलने के लिए काव्य रचनाओं का प्रयोग किया। 
    17. संत रविदास ने सबको परस्पर मिलजुल कर प्रेमपूर्वक रहने का उपदेश दिया।
    18. हर साल उनकी जयंती पर देशभर में आध्यात्मिक कार्यक्रम होते हैं। 
    19. इन्हीं गुणों के कारण संत रविदास को आज भी लोग श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं।
    20. उनका सहज भक्ति मार्ग आज भी संपूर्ण मानव समाज का पथप्रदर्शन कर रहा है।


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