बादल पर बाल कविता - Poem on Clouds in Hindi

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बादल पर बाल कविता - Poem on Clouds in Hindi

बादल पर बाल कविता - Poem on Clouds in Hindi
Poem on Clouds in Hindi : दोस्तों आज हमने बादल पर बाल कविताएं लिखी है क्योंकि बादल हमारे जीवन में एक अहम स्थान रखते हैं वे बरसात कराते हैं धरती की प्यास बुझाते हैं। बादल बच्चों को बहुत आकर्षक लगते हैं। इसीलिए आज हमने बादल पर कुछ कविताएं पोस्ट की हैं जो छोटे बच्चों को बहुत पसंद आएँगी। 

यदि मैं बादल बन जाऊं

कितना ही अच्छा हो,
यदि मैं बादल बन जाऊं। 
नीले नीले आसमान में,
इधर-उधर मंडराऊं। 
जब भी देखूं सूखी धरती,
झट से पिघल में जाऊं। 
गर्मी से तंग लोगों को,
ठंडक में पहुंचाओ। 
खुशी खुशी से गड़ गड़ करके,
छम छम बुंदे लाऊं। 
इसीलिए तो कहता हूं,
मैं बादल बन जाऊं। 
लेखक : अज्ञात 

झूम-झूम कर बरसे बादल।

झूम-झूम कर बरसे बादल।
गरज-गरज कर बरसे बादल॥
समन्दर से भर कर पानी।
घूमड़-घूमड़ कर बरसे बादल॥
काले, भूरे और घने ये।
सब हिल-मिलकर बरसे बादल॥
खेत, खलिहान, नदी, नालों पर।
ठहर-ठहर कर बरसे बादल॥
जीवन, जहीर और जॉन के।
खुले सिर पर बरसे बादल॥
प्रेम-प्यार और अमन चैन का।
आंचल भर कर बरसे बादल॥
लेखक : परमानंद शर्मा 'अमन'

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