एकता में शक्ति है पर निबंध: एकता में शक्ति है एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि जब लोग एकजुट होकर काम करते हैं, तो वे कितनी भी बड़ी रुकावटों को पा
एकता में शक्ति है पर निबंध - Ekta mein Shakti Hai Essay in Hindi
एकता में शक्ति है पर निबंध: एकता में शक्ति है एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका अर्थ है कि जब लोग एकजुट होकर काम करते हैं, तो वे कितनी भी बड़ी रुकावटों को पार कर सकते हैं। संसार में रहते हुए कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना ही बलवान, धनवान या बुद्धिमान क्यों न हो, अकेले ही अपनी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर सकता है। उसे दूसरों के सहयोग से ही अपनी ज़रूरतों को पूरा करना पड़ता है। इस प्रकार, मिलजुल कर कार्य करने की शक्ति को ही एकता या संगठन कहते हैं।
एकता ही सब शक्तियों का मूल है। किसी भी परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति, एकता पर निर्भर करती है। संपूर्ण सृष्टि का निर्माण भी पाँच तत्वों से हुआ है, जो मिलकर एक इकाई बनाते हैं। एकता में बड़ी शक्ति होती है, इसी से संसार में सुख-समृद्धि तथा सफलता की प्राप्ति होती है। एक अकेले धागे को कोई भी आसानी से तोड़ सकता है, परंतु अनेक धागों के मेल से बनी रस्सी बड़े-बड़े हाथियों को भी बाँध देती है। अकेली पानी की बूँद का कोई महत्व नहीं, परंतु जब यह मिलकर नदी का रूप धारण कर लेती है तो अपने प्रवाह में आने वाले बड़े से बड़े पेड़ों और शिलाओं को भी बहा ले जाती है। ये उदाहरण दर्शाते हैं कि जब छोटे-छोटे प्रयास एकजुट होकर किए जाते हैं, तो असाधारण परिणाम दे सकते हैं।
एकता का सबसे आसान उदाहरण हम अपने घर में देख सकते हैं। जब परिवार के सभी लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं, एक-दूसरे की मदद करते हैं, तब घर में सुख-शांति बनी रहती है। लेकिन अगर रोज़ किसी बात पर झगड़ा हो, कोई किसी की ना सुने, तो वही घर बोझ लगने लगता है। यही बात समाज और देश पर भी लागू होती है। इतिहास साक्षी है कि एकता के अभाव में बड़े-बड़े साम्राज्य ध्वस्त हो गए। कोई भी देश या राष्ट्र एकता के बिना कमज़ोर और बीमार हो जाता है। रामायण में रावण और विभीषण में एकता न होने के कारण ही राम की वानर सेना ने लंका को तहस-नहस कर दिया था। भारत के हिंदू राजाओं में एकता न होने के कारण ही इस देश पर मुसलमानों का राज हुआ और वे सैकड़ों सालों तक शासक रहे। सिराजुद्दौला और मीरजाफर में एकता न होने के कारण ही अंग्रेजों को भारत में पैर जमाने में मदद मिली। हमारी एकता की कमी के कारण ही देश सदियों तक गुलाम बना रहा। इसलिए हमें हमेशा सतर्क रहना चाहिए कि हमारी एकता कभी न टूटे।
आजकल एकता को तोड़ने वाली चीज़ें भी बढ़ रही हैं। सोशल मीडिया पर फैलती अफवाहें, धर्म या जाति के नाम पर राजनीति, लोगों में अलगाव पैदा कर रही हैं। ये बातें हमें बाँटने का काम करती हैं, जबकि हमें जोड़ने की ज़रूरत है। एकता बनाए रखने के लिए ज़रूरी है कि हम एक-दूसरे की बात सुनें, समझें, और मतभेदों को बातचीत से सुलझाएँ।
इस प्रकार स्पष्ट है कि एकता वह आधार है, जिस पर किसी भी समाज या राष्ट्र का भविष्य टिका होता है। एकजुट होकर हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं और अपने देश को प्रगति के शिखर तक ले जा सकते हैं। आइए, हम सभी मिलकर एकता के इस सूत्र को मजबूत करें और अपने समाज, परिवार और राष्ट्र को सशक्त बनाएँ।
COMMENTS