काठ का उल्लू मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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काठ का उल्लू मुहावरे का अर्थ

काठ का उल्लू मुहावरे का अर्थ- निरा मूर्ख; बेवकूफ; बुद्धिहीन; निपट मूर्ख; महामूर्ख होना; वज्र मूर्ख; अज्ञानी या मूर्ख होना।

काठ का उल्लू मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- भारतीय इतिहास में बहुत से शासक काठ के उल्लू से कम नहीं थे जिनकी स्थिति का फायदा उठाकर बाह्य आक्रान्ताओं ने भारत पर अधिकार करने की चेष्टा की थी।

वाक्य प्रयोग- रमेश तो सच में काठ का उल्लू है, भला सामने से आते धन को भी कोई मना करता है ?

वाक्य प्रयोग- संतोष को समझाने से कोई लाभ नहीं वह तो काठ का उल्लू है। 

वाक्य प्रयोग- विराट जैसा काठ का उल्लू विरले ही कहीं मिलेगा तभी तो जिस डाल में बैठा है उसी को काट रहा है।

वाक्य प्रयोग- गोपाल को तुम यह काम मत सौंपना वह काठ का उल्लू है तुम्हारा काम नहीं कर पायेगा।

वाक्य प्रयोग- तुम उस काठ के उल्लू का यकीन मत करना। वह खुद तो फंसेगा साथ ही तुम्हें भी फंसा देगा। 

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