अपनी अपनी डफली अपना अपना राग मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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अपनी अपनी डफली अपना अपना राग मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अपनी अपनी डफली अपना अपना राग मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

अपनी अपनी डफली अपना अपना राग का अर्थ है– भिन्न-भिन्न मत होना; सबका अलग मत; जितने लोग उतने तरीके; कोई काम नियम-कायदे से न करना; सबके विचार; मनमानी; कार्यशैली और गुट अलग होना। 

वाक्य प्रयोग– लोकतंत्र की सफलता के लिए यह तो आवश्यक है कि देश में कई राजनीतिक दल हों परंतु उनका निश्चित कार्यक्रम होना चाहिए, यह नहीं कि अपनी-अपनी डफली, अपना-अपना राग। 

वाक्य प्रयोग– जिस देश में सबकी अपनी-अपनी ढपली और अपना-अपना राग होता है वहाँ एकता और उन्नति होना असंभव है। 

वाक्य प्रयोग– अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग-। संगठन के अभाव में लोग अअपनी-अपनी डफली, अपना-अपना राग अलापते हैं। 

वाक्य प्रयोग– अपनी-अपनी डफली, अपना-अपना राग गाने वाले नेता देश को उन्नति के शिखर पर नहीं पहुँचा सकते। 

वाक्य प्रयोग– आज कल घर में तो जिसके जो मन में आता, वह करता है। इसी को कहते हैं- अपनी-अपनी डफली, अपना-अपना राग।

वाक्य प्रयोग– इस कार्यालय में तो जिसके जो मन में आता, वह करता है। इसी को कहते हैं- अपनी-अपनी डफली, अपना-अपना राग।

अपनी अपनी डफली अपना अपना राग एक प्रचलित मुहावरा या कहावत है जिसका अर्थ होता है– भिन्न-भिन्न मत होना; सबका अलग मत; जितने लोग उतने तरीके; सबके विचार; मनमानी; कार्यशैली और गुट अलग होना। जब किसी जगह पर उपस्थित सभी लोग किसी एक बात पर सहमत न होकर अपने-अपने तरीके से कार्य करते हैं तो इस कहावत का प्रयोग करते हैं। 

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