अपना राग अलापना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Apna Raag Alapna Muhavare ka Arth aur Vakya Pryog)

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अपना राग अलापना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Apna Raag Alapna Muhavare ka Arth aur Vakya Pryog)

अपना राग अलापना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग (Apna Raag Alapna Muhavare ka Arth aur Vakya Pryog)

अपना राग अलापना मुहावरे का अर्थ– अपनी ही कहते रहना; अपनी कहना, दूसरे की न सुनना; अपने बारे में ही बातें करना; केवल अपनी कहना। 

अपना राग अलापना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग– सुरेश से नाराज़ होकर राण ने कहा कि अपना ही राग अलापते रहोगे या कुछ मेरी भी सुनोगे?

वाक्य प्रयोग– मीनू हमेशा अपना राग अलापती रहती है, उसे दूसरों की राय से कोई लेना देना नहीं।

वाक्य प्रयोग– आज नेता जनता के सामने अपने-अपने राग अलापते हैं जनता की उन्हें कोई परवाह नहीं।

वाक्य प्रयोग– जो लोग हर समय अपना ही राग अलापते रहते हैं, उन्हें समाज में कोई पसंद नहीं करता।

वाक्य प्रयोग– रमेश हमेशा अपना ही राग अलापता रहता है इसीलिए अब सभी उससे दूर बनाकर रखते हैं।

यहां हमने “अपना राग अलापना” जैसे प्रसिद्ध मुहावरे का अर्थ और उसका वाक्य प्रयोग समझाया है। अपना राग अलापना मुहावरे का अर्थ होता है- "अपनी ही कहते रहना; अपनी कहना, दूसरे की न सुनना; अपने बारे में ही बातें करना; केवल अपनी कहना।" जब कोई व्यक्ति हर समय अपनी ही बात करता रहता है तो उसके लिए इस मुहावरे का प्रयोग करते हैं।

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