आँखें बिछाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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आँखें बिछाना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आँखें बिछाना मुहावरे का अर्थ है– हृदय से आदर करना; बहुत आदर-सम्मान करना;  सत्कार करना; स्वागत सम्मान करना; प्रेम से स्वागत करना। 

आँखें बिछाना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य- इतना बड़ा अधिकारी हो जाने के बावजूद जब भी मैं उसके पास पहुँचता हूँ, वह आँखें बिछा देता है। 

वाक्य- अयोध्या में में राम जी जहाँ भी गए, वहीं जनता उनके लिए आँखें बिछाए खड़ी थी। 

वाक्य- तुम्हारी राह में आँखें बिछाये कब से बैठा हूँ; तुम जल्द आ जाओ।

वाक्य- जब रणवीर को पता चला कि उसके बचपन का दोस्त शाम की ट्रेन से गांव वापस आ रहा है तो वह उसके आने की खुशी मे रणवीर ने आंखे बिछा दी ।

वाक्य- रामचरितमानस में भक्ति रस शुरू से लेकर अन्त तक व्याप्त है। उसका प्रत्येक पात्र भक्ति भाव से परिपूर्ण है। शबरी का भगवान राम के आने पर आँखे बिछाना उसी भक्ति भाव को प्रदर्शित करता है।

वाक्य- विद्यालय में जिला विद्यालय निरीक्षक के आने पर सभी शिक्षक आँखें बिछा देते हैं। 

आँखें बिछाना एक प्रचलित मुहावरा या कहावत है जिसका अर्थ होता है– हृदय से आदर करना; बहुत आदर-सम्मान करना;  सत्कार करना; स्वागत सम्मान करना; प्रेम से स्वागत करना वाक्य प्रयोग। जब हम किसी का या कोई हमारा बहुत आदर या सम्मान करता है तो इस कहावत का प्रयोग करते हैं। 

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