कलई खुलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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कलई खुलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

कलई खुलना मुहावरे का अर्थ - भेद खुलना; भंडा फूटना; पोल खुलना, रहस्य प्रकट होना; गुप्त या गूढ़ बात प्रकट होना। 

Kalai khulna Muhavare ka Arth - Bhed khulna; Bhanda footna, Pol khulna, Rahasya prakar hona; Gupt ya goodh baat prakar hona.

कलई खुलना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- नेता झूठ बोलकर कितने भी धोखे क्यों न दें, अंत में उनकी कलई खुल ही जाती है। 

वाक्य प्रयोग- रामू ने जब मुन्ना की कलई खोल दी तो उसका चेहरा फीका पड़ गया। 

वाक्य प्रयोग- हत्यारे कितनी भी सर्तकता से काम करें, एक ना एक दिन हत्या की कलई खुल ही जाती है। 

वाक्य प्रयोग- अचानाक नोट बंदी की घोषणा होने के कारण ऐसे लोगों की कलई खुल गई जिन्होंने 500-1000 के नोटों के बड़े भण्डार काले धन के रूप में छिपा रखे थे।

वाक्य प्रयोग- सोमवार की रात बनी सड़क मंगलवार को उखड़ गई, कलई खुलते ही रात में फिर डामर बिछाना पड़ा।

वाक्य प्रयोग- पटवारी ने रिक्शा चालक के नाम कर दी पांच एकड़ जमीन, कलई खुलते ही पुलिस से भागा-भागा फिर रहा है। 

वाक्य प्रयोग- रमेश जाली दस्तावेज बनवाकर सरकारी नौकरी जरूर कर रहा है लेकिन जिस दिन कलाई खुल गई उस दिन लेने के देने पड़ जायेंगे। 

यहाँ हमने कलई खुलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग का उदहारण देकर समझाया है। कलई खुलना मुहावरे का अर्थ होता है – भेद खुलना; भंडा फूटना; पोल खुलना, रहस्य प्रकट होना; गुप्त या गूढ़ बात प्रकट होना। जब किसी व्यक्ति की सच्चाई या उसके द्वारा किये गए गलत काम सभी के सामने आ जाते हैं तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है। 

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