घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का अर्थ- झूठी शान के लिए घर लुटाना; अपना नुकसान करके मौज उड़ाना; अपना नाश करके मस्ती में रहना। 

घर फूंक तमाशा देखना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- दहेज की कुप्रथा के कारण लड़की वालों को घर फूंक तमाशा देखना ही पड़ता है। 

वाक्य प्रयोग- पाकिस्तान की वर्तमान नीतियों के कारण वहाँ अराजकता का वातावरण व्याप्त होता जा रहा है जिससे प्रत्येक व्यक्ति में हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ रही है किन्तु पाक सत्ता-प्रतिष्ठान अपने सुख सुविधायों में ही व्यस्त है। पाक की यह नीति घर फंक तमाशा देखने वाली हो गयी है।

वाक्य प्रयोग- अमेरिका अपना घर फूंक तमाशा देखने वाले देशों में से नहीं, इसीलिए वह दूसरे देशों को युद्ध  मैदान बनाता है। 

वाक्य प्रयोग- उस मूर्ख को देखो, कैसे घर फूंककर तमाशा देख रहा है और चापलूस फायदा उठा रहे हैं। 

वाक्य प्रयोग- जुआ और शराब की बुरी आदत के चलते पीयूष घर फूंक तमाशा बनाये हुए है। 

वाक्य प्रयोग- जो व्यक्ति अपना घर फूंक तमाशा देखते हैं उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है इसीलिए अपने घर को फूंककर तमाशा देखने वाले किसी की सहानुभूति अर्जित नहीं कर सकते।

घर फूंक तमाशा देखना एक प्रसिद्ध लोकोक्ति या हिन्दी मुहावरा है जिसका का अर्थ है – झूठी शान के लिए घर लुटाना; अपना नुकसान करके मौज उड़ाना; अपना नाश करके मस्ती में रहना। जब कोई व्यक्ति अपने मजे या शौक को पूरा करने के लिए घर की संपत्ति या धन को नष्ट करता है तो इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।

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