आँखें खुलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

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आँखें खुलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य प्रयोग

आँखें खुलना मुहावरे का अर्थ- होश में आना; सच्चाई पता लगना; भ्रम दूर होना; सत्य का दर्शन होना; वास्तविकता का पता चलना। 

Aankhen khulna muhavare ka arth - Hosh mein aana; Sachchai pata lagna; Bhram door hona; Satya ka darshan hona; Vastvikta ka pata lagna.

आँखें खुलना मुहावरे का वाक्य प्रयोग

वाक्य प्रयोग- नौकरशाही के वास्तविक स्वरूप को प्रत्यक्ष देखकर ही देशवासियों की आँखें खुली हैं।

वाक्य प्रयोग- चोर ने इंस्पेक्टर से माफ़ी मांगते हुए कहा कि,"मेरी आँखें खुल गयी हैं मुझे माफ़ कर दीजिये।"

वाक्य प्रयोग- मासिक परीक्षा में सभी विषयों में अनुत्तीर्ण होने पर अब सोनू की आँखें खुल गई हैं।

वाक्य प्रयोग- सुशील की आँखें खुलना आवश्यक है क्योंकि यदि समय रहते उसकी आँखें नहीं खुली तो वह सड़क पर आ जायेगा। 

वाक्य प्रयोग- जब घर का नौकर सारा सामान बाँध कर ले गया तब सुशीला की आँखें खुली। बेचारी उस पर बड़ा भरोसा करती थी। 

वाक्य प्रयोग- खन्ना साहब अपने बेटे की तारीफ़ करते नहीं थकते थे लेकिन बेटे की ओछी हरकते देखकर उनकी आँखें खुल गईं। 

वाक्य प्रयोग- अर्धवार्षिक परीक्षा में कम अंक मिलने पर भी साहिल की आँखें नहीं खुलीं, अब तो उसका भगवान ही मालिक है। 

यहाँ हमने आँखें खुलना मुहावरे का अर्थ और वाक्य के उदाहरण दिए हैं। आँखें खुलना मुहावरे का अर्थ होता है - होश में आना; सच्चाई पता लगना; भ्रम दूर होना; सत्य का दर्शन होना; वास्तविकता का पता चलना। जब किसी व्यक्ति को किसी घटना, वस्तु या किसी व्यक्ति की सच्चाई पता चलती है कि वह होश में आता है तो आँखें खुलना मुहावरे का प्रयोग करते हैं। 

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