Monday, 11 July 2022

एक गांव के मेले का वर्णन करते हुए मित्र को पत्र

अपने मित्र को पत्र लिखकर गांव के मेले की जानकारी दीजिए : In This article, We are providing एक गांव के मेले का वर्णन करते हुए मित्र को पत्र for Students and teachers.

एक गांव के मेले का वर्णन करते हुए मित्र को पत्र

दिनांक: 20/06/20XX


प्रिय मित्र अजय,

विषय :  एक गांव के मेले का वर्णन

मुझे पत्र लिखने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आशा है कि तुम कुशल-मंगल होगे। मैं भी ठीक हूँ। इस पत्र में मैं अपने गाँव के मेले के बारे में बता रहा हूँ जहाँ मैं हाल ही में गया था। हमारा गाँव बहुत बड़ा और प्राचीन है। हमारे गांव में हर साल दुर्गापूजा के अवसर पर मेला लगता है। इस बार भी दुर्गापूजा के अवसर पर एक सप्ताह तक चलने वाला मेला लगा। मैं अपने दादाजी के साथ मेले में गया था। मैंने देखा कि वहाँ सैकड़ों दुकानें तरह-तरह की चीजों से सजी हुयी थीं। मेले में ग्रामीण कुम्हार, बुनकर, बढ़ई, कलाकार अपने हाथ से बने उत्पाद बेच रहे थे। इसके अलावा, पतंग, लकड़ी के फर्नीचर और खाने की कई चीजें और गुड़िया, खिलौने जैसी कई फैंसी चीजें भी वहां बेची जा रही थीं। मेले का मुख्य आकर्षण सर्कस पार्टी, कठपुतली का नाच, जादू शो और मुर्गों की लड़ाई थी। मुझे मुर्गों की लड़ाई देखने में बहुत मजा आया। यह सभी उम्र के लोगों, विशेष रूप से बच्चों के लिए एक बड़ा आकर्षण था।

मैंने अपनी दादाजी के लिए मेले में एक लकड़ी की छड़ी खरीदी। मैं सूर्यास्त से पहले हम घर लौट आये। गाँव का मेला ग्रामीण लोगों के मनोरंजन का एक बड़ा स्रोत होता है। यदि तुमको कभी मौका मिले तो मेरे गांव का मेला देखने जरूर आना। 

तुम्हारा प्रिय मित्र

अंशुल तिवारी।


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