Wednesday, 6 July 2022

वृक्षारोपण के संबंध में दो मित्रों के बीच संवाद लेखन - Do Mitron Ke Beech Vriksharopan par Samvad Lekhan

वृक्षारोपण के संबंध में दो मित्रों के बीच संवाद लेखन : In This article, We are providing वृक्षारोपण के संबंध में दो मित्रों के बीच संवाद लेखन and Do Mitron Ke Beech Vriksharopan par Samvad Lekhan for Students and teachers.

    वृक्षारोपण के संबंध में दो मित्रों के बीच संवाद लेखन 

    राजू : तुम दोपहर से सो रहे हो। अब उठो, चलो नर्सरी चलते हैं।

    श्याम : दोपहर से लगातार बारिश हो रही है. तुम ही बताओ मैं और क्या करता ? 

    राजू : अच्छा अब जल्दी बिस्तर छोडो। मुझे नर्सरी से कुछ पेड़ खरीदने हैं। 

    श्याम : तुम पेड़ कहाँ लगाओगे ?

    राजू : अपने स्कूल के सामने जो खाली मैदान है, बस मैं उसी के किनारे पेड़ लगाऊंगा। 

    श्याम : क्या तुमने वहां पेड़ लगाने की इजाजत ली है ?

    राजू : हाँ भाई, अब चलो भी। 

    श्याम : तुम्हे भी फालतू मेहनत करने की आदत है। अपना समय बर्बाद मत करो। 

    राजू : तुम्हे पेड़ लगाना समय की बर्बादी लगता है ? क्या तुम्हे पता है की अगर पेड़ नहीं होंगे तो पक्षी भी नहीं होंगे। पेड़ हमें फल, शुद्ध वायु, लकड़ी और छाया देते हैं। अगर पेड़ न हों तो न जाने कितनी ही प्रजातियों का जीवन संकट में पड़ जायेगा। 

    श्याम : क्या सच कह रहे हो तुम ? मुझे तो यकीन ही नहीं होता। भाई  एक बात बताओ, जब पेड़ के इतने ही फायदे हैं तो लोग भला इनको काटते ही क्यों हैं ?

    राजू : इसलिए काटते हैं क्योंकि मनुष्य स्वार्थी हो गया है। वो सिर्फ अपना ही फायदा देखता है। भले ही उसका खुद का विनाश हो जाये। 

    श्याम : मुझे सच में पेड़ों के इतने फायदे होते हैं। चलो अब फ़टाफ़ट नर्सरी चलकर पेड़ ले आते हैं। 


    Do Mitro Ke Beech Vriksharopan par Samvad Lekhan

    बंशी : कल तुम कहा गए थे ? मैं तुम्हे ढूंढ रहा था। 

    दीपक : मैं कल पेड़-पौधों और बीज की प्रदर्शनी में गया था। यह प्रदर्शनी पिछले 3 दिनों से चल रही है और अभी 2 दिन और चलेगी। 

    बंशी : इस प्रदर्शनी का आयोजन किसने किया है ?

    दीपक : इसका आयोजन कृषि मंत्रालय की तरफ से किया गया है। यह प्रदर्शनी राज्य के प्रत्येक जिले में आयोजित की जा रही है 

    बंशी : लेकिन इस प्रदर्शनी का क्या लाभ है ?

    दीपक : यह प्रदर्शनी इसलिए आयोजित की जा रही ही कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया जा सके। मुझे ऐसा क्यों लग रहा है की तुम वृक्षारोपण के महत्त्व के बारे में ज्यादा नहीं जानते ?

    बंशी : तुमने ठीक कहा, मैं सच में इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं जनता। पर मैं चाहता हूँ की तुम मुझे वृक्षारोपण के विषय में विस्तार से बताओ। 

    दीपक : पेड़ हमारे सच्चे मित्र होते हैं। अगर पेड़ न हों तो प्रकृति का संतुलन बिगड़ जायेगा। पेड़ हमें फर्नीचर बनाने के लिए लकड़ी, दवा बनाने के लिए औषधि, और खाने के लिए फल देते हैं। पेड़ों के बिना धरती पर जीवन संभव ही नहीं। 

    बंशी : अब मुझे समझ में आया कि वृक्षारोपण इतना महत्वपूर्ण क्यों है। मुझे लगता है कि हर वर्ग के लोगों को वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आगे आना चाहिए।

    दीपक : बिल्कुल, आइए हम अपने दोस्तों को जागरूक करें और अधिक से अधिक लोगों के पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करें।


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