Sunday, 27 February 2022

एक दलीय प्रणाली क्या है ? एक दलीय प्रणाली के गुण और दोष बताइये।

एक दलीय प्रणाली क्या है ? एक दलीय प्रणाली के गुण और दोष बताइये।  

    एक दलीय प्रणाली का अर्थ

    कदलीय प्रणाली - जिस देश में केवल एक ही दल हो और शासन शक्ति का प्रयोग करने वाले सभी सदस्य इस एक ही राजनीतिक दल के सदस्य हों, तो वहाँ की दल प्रणाली को एकदलीय कहा जाता है। कुछ व्यक्तियों के द्वारा यह समझा जाता है कि वर्तमान समय में एकदलीय प्रणाली केवल साम्यवादी राज्यों में ही है, लेकिन वस्तुतः साम्यवादी राज्यों के अतिरिक्त अन्य अनेक राज्यों में भी इसका प्रचलन है।।

    इस एकदलीय प्रणाली को कभी तो संविधान से ही मान्यता प्राप्त होती है, जैसे कि साम्यवादी राज्यों के संविधानों में साम्यवादी दल का उल्लेख करते हुए अन्य दलों के संगठन का निषेध कर दिया गया है। अनेक बार ऐसा होता है कि संविधान के द्वारा तो अन्य राजनीतिक दलों का निषेध नहीं किया जाता.लेकिन शासक दल संविधानेत्तर (Extra-constitutional) उपायों से अन्य राजनीतिक दलों का दमन कर शासन शक्ति पर एकाधिकार स्थापित कर लेता है। इसके अतिरिक्त, यदि किसी राज्य में एक से अधिक राजनीतिक दल हों, लेकिन राजनीतिक प्रभाव की दृष्टि से अन्य राजनीतिक दलों की स्थिति नगण्य हो अर्थात् वैसी ही हो जैसी स्थिति द्विदलीय प्रणाली वाले राज्यों में दो के अतिरिक्त अन्य राजनीतिक दलों की होती है, तो इसे भी व्यवहार में एकदलीय प्रणाली वाला राज्य ही कहा जायेगा। 

    एकदलीय प्रणाली को सामान्यतया सर्वाधिकारवादी और जनहित विरोधी समझा जाता है। किन्तु सदैव ही ऐसा होना आवश्यक नहीं है और उद्देश्य की दृष्टि से भी एकदलीय प्रणाली के विभिन्न रूप हो सकते हैं। हिटलर और मुसोलिनी की एकदलीय प्रणाली का उद्देश्य सत्ता हस्तगत करना और उस पर अपना अधिकार बनाए रखना ही था, लेकिन टर्की में मुस्तफा कमालपाशा की एकदलीय पद्धति निश्चय ही जन हितैषी थी। वर्तमान समय में मैक्सिको, मैडागास्कर, आदि राज्यों की एकदलीय व्यवस्था को इसी श्रेणी में रखा जा सकता है। साम्यवादी राज्यों की एकदलीय प्रणाली को भी यदि वह सामान्य जन के हित पर आधारित है, तो बहुत कुछ सीमा तक इस श्रेणी में रखा जा सकता है।

    एक दलीय प्रणाली के गुण / लाभ

    1. एक दलीय शासन प्रणाली में सुदृढ़ शासन स्थापित होता है क्योंकि एक दलीय पद्धति में केवल एक ही दल का नियंत्रण रहता है।
    2. एक दलीय शासन प्रणाली में भ्रष्टाचार नगण्य होता है। शक्तियों के केन्द्रीकरण घूसखोरी तथा चोरबाजारी का अंत हो जाता है।
    3. एक राजनीतिक दल का ही अस्तित्व होने के कारण राज्य के कार्यों में कम धन खर्च तथा समय का व्यय होता है। सभी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होते हैं। 
    4. एक दलीय पद्धति से देश में एकता तथा अनुशासन की भावना पनपती है। दल के सभी लोग अनुशासन में रहते हैं तथा व्यर्थ की बातें नहीं पनपतीं।
    5. एक दलीय पद्धति में लोकगीत की प्रधानता रहती है। लोक कल्याण की व्यवस्था होना ही एक दलीय पद्धति का सर्वश्रेष्ठ गुण है।
    6. एक दलीय व्यवस्था में जनता में विभाजन तथा गुड बंदी का डर समाप्त हो जाता है तथा राष्ट्रीय एकता बनी रहती है।
    7. एक दलीय पद्धति में सेना पर एक ही दल का नियंत्रण होता है। हाथी एकदलिया सरकार में राज्य का नैतिक संगठन ऊंचा होता है जो संकटकाल में सुरक्षा प्रदान करता है।
    8. एक दलीय पद्धति में शासन की नीति का निर्माण एक ही दल के नेता द्वारा किया जाता है। इस प्रकार की नीति में स्थायित्व तथा दिल देता होती है।इससे प्रशासन में कुशलता पाई जाती है।

    एक दलीय प्रणाली के दोष / हानि

    एक दलीय प्रणाली में कुछ दोष / हानि भी होती हैं जो निम्नलिखित प्रकार हैं:-

    1. एक दलीय शासन प्रणाली में जनता का उचित प्रतिनिधित्व नहीं हो पाता क्योंकि इसमें शासन पर नियंत्रण लगाने के लिए विपक्ष नहीं होता। 
    2. एक दलीय प्रणाली द्वारा व्यक्तियों की स्वतन्त्रता पर प्रतिवन्ध लग जाता है तथा उन्हें अधिकार प्रकट करने की स्वतन्नता भी नहीं रहती।
    3. एक दलीय पद्धति में तानाशाही, अनुत्तरदायी सरकार जैसे प्रवृत्ति को प्रोत्साहन मिलता है। कई बार सरकार मौलिक अधिकारों का हनन करती है। आतंकवाद पनपता है तथा विरोधियों को कठोर दण्ड दिया जाता है।
    4. एक दलीय शासन प्रणाली लोकतांत्रिक भावना का अभाव होता है। लोकतान्त्रिक शासन समान अवसर तथा पूर्ण स्वतन्त्रता सुनिश्चित करता है। जबकि एक दलीय शासन-पद्धति में जन भावना नका अभाव होता है।
    5. एक दलीय प्रणाली अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति के लिए भी हानिकारक है। यह तानाशाही प्रवृत्ति को जन्म देती है जिससे शासक वर्ग सैनिक तैयारियों और विजयनीतियों की अपनाना प्रारम्भ कर देता है। परिणामस्वरूप अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति का संकट उत्पन्न हो जाता है।

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