Tuesday, 8 February 2022

आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के उद्भव में चार्ल्स मेरियम का योगदान बताइये।

आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के उद्भव में चार्ल्स मेरियम का योगदान बताइये।

आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के उद्भव में चार्ल्स मेरियम का योगदान 

द्वितीय विश्वयुद्ध के उपरान्त राजनीतिक सिद्धांत के क्षेत्र में भी व्यापक परिवर्तन आना प्रारम्भ हो गये। इन परिवर्तनों का प्रमुख श्रेय अमेरिकी राजनीतिशास्त्रियों को दिया जाता है। अमेरिका में शिकागो विश्वविद्यालय के विद्वानों ने विशेष रूप से राजनीतिक सिद्धांत को ज्यादा से ज्यादा विज्ञान-सम्मत बनाने का बीड़ा उठाया। यहीं से नवीन राजनीतिक सिद्धांत की धारणा का उदय हुआ। इस धारणा के उदय व विकास में शिकागों विश्वविद्यालय के 'चार्ल्स मेरियम' का विशेष योगदान रहा।

चार्ल्स मेरियम ने राजनीति शास्त्रियों के उस समूह को नेतृत्व प्रदान किया जो राजनीति विज्ञान व राजनीतिक सिद्धांत की समाजशास्त्र मनोविज्ञान, दर्शन, सांख्यिकी, अर्थशास्त्र, इत्यादि समाज-विज्ञानों के निकट लाने हेतु प्रयासरत था। इससे राजनीतिक सिद्धांत में तर्किक अनुभववाद, तथ्यात्मकता, व्यवहारवाद तथा समाजशास्त्रीय पद्धतियों का प्रयोग होने लगा।

प्रोफेसर 'चार्ल्स मेरियम' ने अपनी पुस्तक 'न्यू अस्पेक्ट्स ऑफ पॉलिटिक्स' में यह उल्लिखित किया कि - “राजनीति के अध्येता को एक नये मार्ग का अवलम्ब करना पड़ेगा क्योंकि राजनीतिक सिद्धांत ऐसी शक्तियों के सम्पर्क में आ गया है कि कालान्तर में वे इसकी प्रक्रिया को मूलतः संशोधित कर देंगी।" इस प्रकार प्रो. मेरियम ने नवीन राजनीतिक सिद्धांत के उदय व विकास का मार्ग प्रशस्त किया तथा साथ ही साथ इसकी अपरिहार्यता व प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला। राजनीतिक सिद्धांत के क्षेत्र में कालान्तर में हुयी व्यवहारवादी क्रान्ति का प्रमुख श्रेय इसी कारण 'चार्ल्स मेरियम' को प्रमुख रूप से दिया जाता है।

'चार्ल्स-मेरियम' ने राजनीति सिद्धांत के निर्माण व प्रतिपादन में 'शक्ति' को बनियादी संकल्पना मानने पर बल दिया। उनका मानना था कि - "शक्ति एक ऐसी बुनियादी संकल्पना है जो राजनीति विज्ञान के सभी विभागों को एक सूत्र में पिरो देती है।”

इस प्रकार चार्ल्स मेरियम के प्रयासों के फलस्वरूप राजनीति सिद्धांत में आदर्शपरकता, काल्पनिकता के स्थान पर व्यवहारिकता व प्रत्यपरकता का समावेश होने लगा। यह सभी प्रवृत्तियाँ नवीन राजनीतिक सिद्धांत की मूल मान्यताओं के रूप में दिखाई पड़ती है। अतः स्पष्ट रूप से नवीन राजनीतिक सिद्धांत के उदभव में चार्ल्स मेरियम का उल्लेखनीय योगदान रहा। चार्ल्स मेरियम के नेतृत्व में राजनीतिशास्त्रियों को व्यवहारिक अध्ययनों की प्रेरणा प्राप्त हुई और वे नवीन मार्ग की खोज में लग गये, जिसके चलते नवीन राजनीतिक सिद्धांत अस्तित्व में आया और कालान्तर में इसका विकास व प्रसार भी हुआ। 


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