Monday, 3 January 2022

उपराष्ट्रपति पद की योग्यताएं, कार्यकाल तथा निर्वाचन पद्धति बताइये।

उपराष्ट्रपति पद की योग्यताएं, कार्यकाल तथा निर्वाचन पद्धति बताइये।

उत्तर

भारत का उपराष्ट्रपति

भारतीय संविधान में उपराष्ट्रपति पद की भी व्यवस्था की गयी है। यह व्यवस्था अमेरिकी संविधान से ली गयी है। भारत में राष्ट्रपति के बाद उपराष्ट्रपति का पद कार्यकारिणी में दूसरा सबसे बड़ा पद होता है। भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन सभापति होता है। परंतु जिस किसी अवधि के दौरान उपराष्ट्रपति, अनुच्छेद 65 के अंतर्गत कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्य करता है, उस अवधि के दौरान वह राज्य सभा के सभापति के पद के कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा तथा वह अनुच्छेद 97 के अंतर्गत राज्य सभा के सभापति को प्रदान किये जाने वाले वेतन या भत्ते का हकदार नहीं होगा।

उपराष्ट्रपति पद की योग्यताएं

संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार, उपराष्ट्रपति पद के लिए निम्नलिखित योग्यतायें होनी चाहिए -

  1. वह भारत का नागरिक हो,
  2. वह 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो,
  3. वह राज्यसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता रखता हो,
  4. वह भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन किसी लाभ के पद पर न हो,
  5. वह संसद के किसी सदन या राज्य विधानमंडल का सदस्य न हो।

उपराष्ट्रपति का कार्यकाल

उपराष्ट्रपति पद का सामान्य कार्यकाल पाँच वर्ष है। यदि इस अवधि के बीच उपराष्ट्रपति के रूप में व्यक्ति की मृत्यु न हो, तो वह दो प्रकार से अपने पद से मुक्त हो सकता है.

1. राष्ट्रपति को संबोधित व स्वहस्ताक्षरित त्यागपत्र द्वारा।

2. राज्य सभा द्वारा बहुमत से पारित और लोकसभा द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव द्वारा।

उपराष्ट्रपति का निर्वाचन

भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा निर्मित एक 'निर्वाचक मंडल' (Electoral College) द्वारा होता है। यह चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व, प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है।

उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार का नाम निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 मतदाताओं द्वारा प्रस्तावित तथा 20 मतदाताओं द्वारा अनुमोदित होना आवश्यक है।

प्रत्येक उपराष्ट्रपति अपना पद ग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति अथवा उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त किसी व्यक्ति के समक्ष निम्नलिखित प्ररूप में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा, अर्थात्‌: -- ईश्वर की शपथ लेता हूँ

उपराष्ट्रपति की शपथ

मैं, अमुक ---------------------------------कि मैं विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची सत्यनिष्ठा से प्रतिज्ञा करता हूँ, श्रद्धा और निष्ठा रखूँगा तथा जिस पद को मैं ग्रहण करने वाला हूँ उसके कर्तव्यों का श्रद्धापूर्वक निर्वहन करूँगा।

I,--------------------------------- do swear in the name of God/solemnly affirm that I will bear true faith and allegiance to the Constitution of India as by law established and that I will faithfully discharge the duty upon which I am about to enter." The President administers the oath of office and secrecy to the Vice President.



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