Sunday, 2 January 2022

भारतीय संविधान की मूल प्रस्तावना पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

भारतीय संविधान की मूल प्रस्तावना पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

अथवा भारतीय संविधान की प्रस्तावना पर टिप्पणी कीजिये।

संविधान की मूल प्रस्तावना

उत्तर - प्रत्येक संविधान के निर्माण की एक प्रस्तावना होती है जो उस संविधान को एक पूर्ण झलक एवं निचोड़ को प्रस्तुत करती है। उसी प्रकार भारतीय संविधान की प्रस्तावना संविधान से सम्बद्ध एक महत्वपूर्ण अभिलेख है। यह भारत के प्रजातंत्रीय गणतंत्रात्मक राज्य का एक संक्षिप्त सारपूर्ण, अर्थपूर्ण घोषणापत्र है।

भारतीय संविधान की वर्तमान प्रस्तावना मूल प्रस्तावना से निम्न है। भारतीय संविधान की मूल प्रस्तावना निम्नवत् थी "हम, भारत के लोग भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व संपन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य करने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर को प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता सुनिश्चित करने वाली बन्धुता बढ़ाने के लिए दृढसंकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवंबर 1949 ई. (मिति मार्ग शीर्ष शुक्ल सप्तमी संवत 2006 विक्रमी) को एतदद्वारा एवं संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।"


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