Sunday, 2 January 2022

भारतीय संविधान में संशोधन प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

भारतीय संविधान में संशोधन प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

संविधान के सभी संशोधन के लिए संघ को संसद में विधेयक विशेष बहुमत से पारित किया जाएगा तथा राष्ट्रपति को अनुमति के लिए प्रस्तुत करने के पूर्व (अनुच्छेद 363 के तहत) कम से कम आधे राज्यों के विधान मण्डलों से उसका अनुमोदन होना चाहिए। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया संसद में 'संचालित होती है, इसके लिए कोई पृथक संविधायी निकाय की व्यवस्था नहीं की गयी है। संविधान में संशोधन की प्रक्रिया का वर्णन निम्न प्रकार है -

  1. संविधान का संशोधन संसद के किसी भी सदन में इस प्रयोजन के लिए विधेयक पुनः स्थापित करके ही प्रारम्भ किया जा सकता है। जब यह विधेयक प्रत्येक सदन में उस सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा (50% से अधिक) तथा उस सदन के उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो तिहाई बहुमत द्वारा पारित किया जाता है, तब वह राष्ट्रपति के समक्ष अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जा सकता है।
  2. प्रस्तुत यदि ऐसा संविधान संशोधन जोकि निम्नलिखित उपबन्ध राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति (अनुच्छेद 54, 54), संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार अनुच्छेद (73-162), उच्चतम तथा उच्च न्यायालय (अनुच्छेद 241), 'संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्ति का वितरण (भाग 11 का अध्याय 1), सातवीं अनुसूची की कोई सूची, राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व यदि है तो अनुच्छेद 368(2) के तहत ऐसे संशोधनों के लिए विधेयक को राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करने से पूर्व कम से कम आधे राज्यों के विधानमण्डलों द्वारा पारित उस आशय के संकल्पों द्वारा उन विधानमण्डलों का अनुसमर्थन भी अपेक्षित होता है। "


SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 Comments: