Tuesday, 25 January 2022

आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के उद्देश्य क्या है? वर्णन कीजिए।

आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के उद्देश्य क्या है? वर्णन कीजिए।

आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के उद्देश्य 

  1. शान्ति की स्थापना।
  2. राजनीतिक दृष्टिकोण को अपनाना।
  3. समाज के आत्मानुशासन को प्रेरणा देना।
  4. विकासशील देशों के विकास का मार्ग प्रशस्त करना।
  5. अन्य उद्देश्य।
  6. निष्कर्ष।

शान्ति की स्थापना - आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत का उद्देश्य है कि उसके द्वारा विश्व में शान्ति की स्थापना हो। इसके द्वारा राजनीति विज्ञान को इस योग्य बनाया जा सकता है जिससे कि वह उत्तम मार्गों का निर्देशन करे। इन निर्देशनों से समाज के विभिन्न वर्गो, समूहों, प्रजातियों आदि को अपनी मौलिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए जीवित रहने के अवसर प्राप्त होते हैं।

राजनीतिक दृष्टिकोण को अपनाना - आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के अन्तर्गत विज्ञान के अध्ययन के लिए राजनीतिक दृष्टिकोण को अपनाया जाता है। इससे समस्त सामाजिक संस्थाओं, शक्तियों तथा परम्परागत बन्धनों का अध्ययन किया जाता है। सभी प्रकार की राजनीतिक सुविधाओं का सामाजिक शक्तियों की आन्तरिक क्रियाओं से घनिष्ठ सम्बन्ध है, इसलिए राजनीतिक दृष्टिकोण को अपनाना भी आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत का एक प्रमुख उद्देश्य है।

समाज के आत्मानुशासन को प्रेरणा देना - आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत का यह महत्त्वपूर्ण लक्ष्य है कि स्वयं बदलते समाज को इस ढंग से रूपांतरित होने का मार्ग दिखाया जाए जिससे कि वह समाज छोटे-बड़े सभी को अधिकाधिक स्वतन्त्रता व्यक्त करने तथा आत्मानुशासन के लिए प्रेरित करें।

विकासशील देशों के विकास का मार्ग प्रशस्त करना - आधुनिक राजनीति विज्ञान के अध्ययन का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य इस प्रकार के सिद्धांतों का निर्माण करना है जिससे विश्व के विकासशील देशों के विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। ये विकासशील देश अनेक समस्याओं से ग्रसित हैं; जैसे-भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार, अराजकता तथा गतिरोध एवं सघर्ष । इन समस्याओं से इनको आए दिन निरन्तर संघर्ष करना पड़ता है। अतः इन देशों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ऐसे पूर्ण सिद्धांत के निर्माण की दिशा में अग्रसर होने की आवश्यकता है।

अन्य उद्देश्य - आधुनिक राजनीतिक सिद्धांत के कुछ अन्य उद्देश्य भी हैं, जैसे-समाज का हित साधना, मानव हित की ओर ध्यान देना, निर्धनता तथा भ्रष्टाचार व विषमता को दूर करना आदि। इन उद्देश्यों के लिए राजनीति विज्ञान द्वारा राजनीतिक व्यवस्था का सम्पूर्ण चित्र प्रस्तुत किया जाता है।

निष्कर्ष - उपरोक्त वर्णन से यह स्पष्ट हो जाता है कि नवीन राजनीतिक सिद्धांत में विषय की विशिष्टता की कमी है। इस सिद्धांत के लगभग सभी विचारकों ने अपने अध्ययन का क्षेत्र राज्य सरकार, राजनीतिक संस्थाएँ, राज्य के लक्ष्य, न्यायप्रियता, लोककल्याण आदि को माना है परन्तु आजकल राजनीतिक विज्ञान के सिद्धांत के अध्ययन के लिए राजनीतिक दृष्टिकोण भी आवश्यक है ताकि सामाजिक संस्थाओं तथा सामाजिक उद्देश्यों के विषय में भी ज्ञान प्राप्त किया जा सके।


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