Tuesday, 22 September 2020

समाचार पत्र के सम्पादक को स्कूल में वृक्षारोपण समारोह के सम्बन्ध में पत्र

समाचार पत्र के सम्पादक को स्कूल में वृक्षारोपण सम्पन्न होने पर पत्र : इस लेख में हम पढ़ेंगे अपने विद्यालय में वृक्षारोपण समारोह का वर्णन करते हुए सम्पादक को पत्र. Vidyalaya me Vriksharopan Samaroh ke Sambandh me Sampadak ko Patra.

समाचार पत्र के सम्पादक को स्कूल में वृक्षारोपण समारोह के सम्बन्ध में पत्र

भारतीय सीनियर सैकेण्डरी स्कूल,
मोहन पार्क, जनता पथ,
दिल्ली।
दिनांक-22 दिसम्बर, 1992

सेवा में,

सम्पादक महोदय,
दैनिक 'जन जागरण
दिल्ली।

महोदय,
            पिछले दिनों आपके पत्र में वनों की कटाई के सम्बन्ध में एक विचारोत्तेजक लेख छपा था। 'वनों की कटाई और वृक्षारोपण' शीर्षक से आपका सम्पादकीय भी बड़ा अच्छा बन पड़ा था! हम छात्रों और हमारे आदरणीय अध्यापकों में इनकी काफी चर्चा रही। आपस में बहस भी होती रही। इस सबका परिणाम यह निकला कि हमने अपने खेल-मैदान के आस-पास और भी जहाँ संभव हो सके. वृक्षारोपण का निश्चय कर डाला। केवल निश्चय ही नहीं किया, एक दिन खेल-मैदान के आस-पास आम, जामुन और नीम आदि के वृक्ष भी लगा दिये ! उन सभी ने बढ़ना-फैलना शुरू कर दिया है, आप यह जानकर अवश्य प्रसन्न होंगे!

            हमारे स्कूल ने यहीं तक बस नहीं कर दिया, नगर के आस-पास के गाँवों में घूमकर वहां भी वृक्षारोपण योग्य भूमि की तलाश कर ली। वहाँ की प्राम-पंचायतों की सहायता से हमारे अध्यापकों ने हमारे साथ जा-जाकर कई जगह वृक्षारोपण कराये। कल ही हम लोग अभी तक के निर्धारित स्थानों में से अन्तिम स्थान पर वृक्षारोपण करके आ रहे हैं। इस बार जब देश में अन्य वर्ष की तरह वृक्षारोपण सप्ताह मनाया जायेगा, तब हमने कम-से-कमएक दर्जन ग्रामों में नये सिरे से वृक्षारोपण करने का निर्णय किया है। तब तक नये स्थानढूंढते रहेंगे, पहले स्थानों पर किये गये वृक्षारोपण की देख-भाल भी करते रहेंगे!

            हमें आपके समाचार-पत्र ने प्रेरणा दी, सो आप यह पत्र प्रकाशित कर दें। हो सकता है कि प्रेरणा पाकर कुछ और लोग भी राष्ट्रीय महत्त्व का यह कार्य करने लगें!
                                                                                                                                                निवेदक
                                                                                                                                    महेन्द्र प्रताप सिंह

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