Tuesday, 14 May 2019

मधुमक्खी पर निबंध। Essay on Honey Bee in Hindi

मधुमक्खी पर निबंध। Essay on Honey Bee in Hindi

मधुमक्खी पर निबंध। Essay on Honey Bee in Hindi
मधुमक्खी एक छोटे आकार का कीट है जो दुनिया भर के जंगलों घास के मैदानों उद्यानों में निवास करती है। मधुमक्खी से हमें शहद प्राप्त होता है, जो अत्यंत पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। मधुमक्खियां छत्ता बनाकर रहती हैं। एक मधुमक्खी का औसतन जीवन काल 45 दिनों तक का होता है। प्रत्येक छत्ते में मधुमक्खियों की एक रानी होती है, जो छत्ते को आबाद करती है। मधुमक्खियां फूलों से रस व पराग एकत्र करती हैं जिसका उपयोग व शहद बनाने के लिए करती हैं। गर्मियों के दौरान केवल एक छत्ते में ही 40000 से अधिक मधुमक्खियां हो सकती हैं 

मधुमक्खियों की भाषा : मधुमक्खियां विशिष्ट नृत्य का उपयोग करके संवाद करती हैं। एक निश्चित तरीके से की गयी उड़ान से मधुमक्खियां अन्य मधुमक्खियों को पराग या आने वाले खतरे से आगाह करने के लिए करती हैं 

मधुमक्खियों का भोजन : मधुमक्खियां एक शाकाहारी कीट होती हैं और विशुद्ध रूप से पौधों के पोषक तत्वों पर निर्भर करती हैं। मधुमक्खियां फूलों का रास, पराग मीठे फल और यहां तक कि शहद खाना पसंद करती हैं। 

मधुमक्खियों के शिकारी : उनके छोटे आकार के कारण मधुमक्खियों के शिकारियों की संख्या अधिक होती है। पक्षी, छोटे स्तनधारी, सरीसृप और अन्य कीट मधुमक्खी का शिकार करने के लिए जाने जाते हैं। बड़े जानवर जैसे भालू शहद के छत्ते को नष्ट करने के लिए कुख्यात हैं, ताकि वह शहद खा सकें। 

मधुमक्खी का समाज : मधुमक्खियाँ एक संगठित समाज में रहती हैं जो मज़दूर मधुमक्खियों, ड्रोन और रानी से बनी होता हैं। प्रत्येक प्रकार की मधुमक्खी को आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि प्रत्येक की विशिष्ट उपस्थिति, शरीर का रंग और कार्य होता है। मधुमक्खी के प्रत्येक छत्ते में एक रानी मक्खी होती है। वह अंडे देती है। वह अपने अंडे 1 गोल आकार के गुंबद में रखती है। जिसे वह फिर मोम से बंद कर देती है। इस प्रकार जब अंडे से लारवा बाहर निकलते हैं तो उन्हें पहले इस सीलबंद गुंबद को तोड़ना पड़ता है। 

पर्यावरण में भूमिका : मधुमक्खियों को पर्यावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है वे पौधों के बीजों को तथा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाती हैं। इस प्रकार पेड़-पौधों की 80% से ज्यादा प्रजातियां मधुमक्खियों के कारण ही पनप पाती हैं 

उपसंहार : बढ़ते प्रदूषण और आवास की क्षति के कारण मधुमक्खियों की संख्या लगातार घट रही है। उन्हें लुप्त प्राय जीव की श्रेणी में रखा गया है और इसलिए उनके भी लुप्त होने का खतरा है। यह दुख की बात है कि मनुष्य मधुमक्खियों को वह सम्मान नहीं देते जिसकी वह हकदार हैं। क्योंकि मधुमक्खियां पौधों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है जो मनुष्य के अस्तित्व के लिए भी जरूरी है। 

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