Tuesday, 26 February 2019

असफलता ही सफलता की सीढ़ी है निबंध

असफलता ही सफलता की सीढ़ी है निबंध

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प्रस्तावना- मानव जीवन के दो तत्व सफलता और असफलता हैं। कभी-कभी हम अपने प्रयत्नों में असफल होते हैं। इस कहावत का अर्थ है कि असफलता द्वारा ही सफलता प्राप्त होती है। इसलिए जो असफल होते हैं उन्हें निरूत्साहित नहीं होना चाहिए। जो एक बार असफल होते हैं उन्हें बार-बार प्रयत्न करना चाहिए। यदि हम एक बार असमर्थ होते हैं तो हमारे पास असफलता का अनुभव होता है। दूसरे प्रयत्न में हम अनुभव द्वारा सीखते हैं। हमारा अनुभव हमें बुद्धिमान बनाता है। यह सफलता की नींव होती है। वास्तव में, सफलता बुद्धिमानी और आत्मविश्वास पर निर्भर होती है।

असफलता के कारण- हमें अपनी असफलता के कारण जानने चाहिए। जीवन में सफलता घबराकर, डरकर, भागकर, किसी दूसरे द्वारा नहीं पाई जाती; सफलता तो आपके मजबूत इरादों, आपके साहस, और ईश्वर पर भरोसा और अपने आप पर विश्वास करके ही पाई जाती है। विश्वास अच्छा है लेकिन अति विश्वास बहुत बुरा है। विश्वास हमें शक्ति देता है। अति विश्वास हमारी मुश्किलें बढ़ाता है। कुछ लोग डर के कारण असफल हो जाते हैं। वे असफलता से डरते हैं। ऐसे लोग स्वयं में ही पराजित हो जाते हैं।

सफलता और किस्मत : भाग्य बहादुर का समर्थन करता है और बहादुर वह है जो आगे बढ़ता है, अपनी विफलताओं पर काबू पाता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। हमें अपनी प्राथमिकताओं को हमारे सामने रखना चाहिए, उन पर पूरी तरह से ध्यान देना चाहिए, लगातार प्रयास करना चाहिए और फिर हम देखेंगे कि हर चीज अपने सही स्थान पर होगी।

हमें यह जानना चाहिए कि जीवन में कैसे सफल होते हैं। इसके लिए हमारे पास कुछ मानसिक विशेषताएँ होनी चाहिए। पहला हमें कठिन परिश्रमी होना चाहिए। द्वितीय, हमारे पास साहस होना चाहिए। हमारे भीतर सफलता की चाह होनी चाहिए। हमें किसी भी मूल्य पर हार को स्वीकार नहीं करना चाहिए। यदि हम स्वयं को पराजित अनुभव करेंगे तो हम जीवन के युद्ध में हार जायेंगे। हमें चुनौतियों को साहस के साथ सामना करना चाहिए।

सकारात्मक दृष्टिकोण : अधिकांश लोग असफल होने पर स्वयं को निराशावादी बना लेते हैं। हर आशा में केवल उसको निराशा ही नजर आती है। लेकिन जो व्यक्ति अंधरे पथ में भी स्वयं दीपक बन कर अपनी राह तलाश लेता है, वास्तव में वही इंसान सफल और कर्मठ है। आशावादी व्यक्ति हर निराशा के अंदर भी कोई-न-कोई आशा ढूंढ ही लेता है, क्योंकि उसका दृष्टिकोण सकारात्मक होता है।

उपसंहार- वास्तव में असफलताएँ हमें निराश करती है लेकिन हमारे पास जीवन में जीतने की शक्तिशाली चाह होनी चाहिए। जब भी हम असफल हो हम यह कहावत याद कर लें कि असफल ही सफलता के स्तम्भ होते हैं। हार और जीत के बीच में एक ही मार्ग है प्रयास। हमारे पास इस कहावत को सिद्ध करने के लिए इतिहास के अनेक उदाहरण हैं। मोहम्मद गोरी एक दिन पहाड़ियों के पास बैठे थे निराश थे दुखी थे। ये सोचकर कि असफलता उनका साथ नहीं छोड़ेगी और उनकी नज़र वहीँ एक चीटियों के झुण्ड पर थी जहाँ से एक चींटी बार बार ऊंचाई पर चढ़ने का प्रयास करती थी लेकिन बार बार गिर जाती थी इस प्रकार वे सोलह बार गिरी लेकिन चढ़ने का प्रयास नहीं छोड़ी। अंत में 17वें बार चढ़ ही गयी।
इससे गोरी को बहुत बड़ी प्रेरणा मिली वे भी सोलह बार हार चुके थे पर सत्रहवीं बार इन्होने चढ़ाई की और जीत गये I इसलिए असफलता ही सफलता का आधार है I

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