Sunday, 24 June 2018

जादुई पेंसिल - हिंदी कहानी

जादुई पेंसिल - हिंदी कहानी

jadui-pencil-hindi-story

कासिम को चित्र बनाना बहुत पसंद था। वह नुकीले पत्थर और छोटी लकड़ियों से कच्ची जमीन पर चित्र बनाता रहता। उसके पास पेंसिल खरीदने के पैसे नहीं थे। एक दिन उसने सोचा काश ! मेरे पास पेंसिल होती तो मैं कितने सुंदर चित्र बनाता। तभी उसे एक बूढ़ा आदमी मिला। उसने कासिम को पेंसिल दी। इससे केवल गरीबों को चित्र बनाकर देना, "यह कहकर वह बूढ़ा गायब हो गया। 

कासिम बहुत खुश हुआ उसने मुर्गी का चित्र बनाया। वाह ! क्या बात है ! अचानक ही वह असली मुर्गी बन गई। फिर उसने बिल्ली का चित्र बनाया। वह भी असली बिल्ली बन गई। अरे ! यह तो जादुई पेंसिल है। अब कासिम ने गेंद का चित्र बनाया, वह भी असली गेंद बन गई। फिर उसने कॉपी, लड्डू, कमीज, फूल आदि के चित्र बनाए। सब के सब असली बन गए। 

गरीबों ने जो भी मांगा, कासिम ने बनाकर उन्हें दिया। यह खबर राजा के कानों तक पहुंची। राजा ने कासिम को बुलाकर आदेश दिया, "मुझे सोने के सिक्कों से भरा एक पेड़ बना कर दो।" महाराज, आप के पास बहुत धन है। मैं केवल गरीबों के लिए ही चित्र बनाऊंगा, 'यह कहकर कासिम ने इनकार कर दिया। 

राजा को गुस्सा आ गया। उसने आदेश दिया कि इसे जेल में बंद कर दिया जाए पर कासिम क्या जेल में खाली बैठने वाला था ? वह तो चतुर था ही। उसने पेंसिल उठाई और एक चाबी का चित्र बना डाला। लो वह तो असली चाबी बन गई। उसने तुरंत जेल का ताला खोला और वहां से भाग निकला।

SHARE THIS

Author:

I am writing to express my concern over the Hindi Language. I have iven my views and thoughts about Hindi Language. Hindivyakran.com contains a large number of hindi litracy articles.

0 comments: