Friday, 8 September 2017

दूध पर निबंध। Essay on Milk in hindi

दूध पर निबंध। Essay on Milk in hindi
दूध पर निबंध।
दूध एक आदर्श एवं पूर्ण आहार है। इसमें वह सभी खनिज तत्त्व उपस्थित होते हैं जो हमारे शरीर को पोषण देने के लिए एवं स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक होते हैं। भारत में हम गाय, बकरी और भैंस आदि से दूध प्राप्त करते हैं। यह बहुत ही हल्का होता है व आसानी से पचाया जा सकता है। यह दूध बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयुक्त होता है। गांधीजी को भी दूध बहुत पसंद था। भारत में ज्यादातर लोग गाय का दूध पसंद करते हैं। रेगिस्तानी देशों में ऊँट का दूध प्रयोग किया जाता है तथा पहाड़ी क्षेत्रों में जैसे तिब्बत और भूटान में याक का दूध प्रयोग किया जाता है। 

दूध हमारे आहार का एक विशेष हिस्सा है। नवजात शिशुओं के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम है। हमें दूध के गिलास को कभी भी खाली नहीं छोड़ना चाहिए। दूध को उबालकर कीटाणुरहित बना लेना चाहिए। दूध महिलाओं के लिए बहुत ही आवश्यक है। इसमें कैल्शियम, विटामिन्स और खनिज तत्त्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। 

दूध का प्रयोग विभिन तरीकों एवं रूपों में किया जा सकता है। इसे साधारण तरीके से पिया जा सकता है या फिर गर्म या ठन्डे दूध में चीनी मिलकर भी पी सकते हैं। दूध की सहायता से चाय, कॉफ़ी, शरबत व अन्य पेय पदार्थ बनाये जाते हैं। इसे दही, चीज़, मिठाई अऊर घी आदि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। दूध से बहुत सी मिठाइयां तैयार की जाती हैं। इसे पाउडर के रूप में भी सुरक्षित किया जाता है। विभिन्न प्रकार की आईस्क्रीमें, टॉफियां और कुल्फी दूध से ही तैयार की जाती हैं।

दूध को हमेशा साफ़ बर्तनों में ढककर रखना चाहिए क्योंकि यह एक पूर्ण आहार है। यह जल्दी ही खराब हो जाता है इसलिए इसे उबाल लेना चाहिए। परन्तु दूध को बहुत अधिक नहीं उबालना चाहिए क्योंकि इससे उसके पोषक तत्त्व नष्ट हो जाते हैं। दूध डेयरी, दुकानों व बूथ पर बेचा जाता है। हमें ध्यान रखना चाहिए की इसमें कोई मिलावट ना हो। दूध में पानी बहुत आसानी से मिला दिया जाता है। आजकल नकली दूध भी आसानी से बाज़ार में मिलता है जो बहुत नुकसानदायक होता है। दूध बोतलों, प्लास्टिक की थैलियों व पाउच में भी मिलता है। 

हमें स्वस्थ गाय, बकरी, भैंस और भेड़ आदि का ही दूध इस्तेमान करना चाहिए। दूध के स्थान पर कोई अन्य चीज नहीं हो सकती है। यह बहुत ही सस्ता और स्वास्थ्यकारक है। भारत में बड़ी मात्रा में दूध का उत्पादन किया जाता है परन्तु फिर भी हमें दूध की उत्पादकता बढ़ाने की जरुरत है। जिसके लिए हमें एक और श्वेत क्रान्ति की आवश्यकता है  

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