Friday, 12 May 2017

माँ की दुआ Mother's Day hindi Poem

mother hindi poem
मेरे सर पर भी माँ की दुआओं का साया होगा
इसलिए समन्दर ने मुझे डूबने से बचाया होगा


माँ की आगोश में लौट आया है वोह बेटा फिर से
शायद इस दुनिया ने उसे बहुत सताया होगा

अब उसकी मोहब्बत की कोई क्या मिसाल दे
पेट अपना काट जब बच्चों को खिलाया होगा


की थी सकावत उमर भर जिसने उन के लिए
क्या हाल हुआ जब हाथ में कजा आया होगा

कैसे जन्नत मिलेगी उस औलाद को जिस ने
उस माँ से पैहले बीवी का फ़र्ज़ निभाया होगा


और माँ के सजदे को कोई शिर्क ना कह दे
इसलिए उन पैरों में एक स्वर्ग बनाया होगा




मुन्नवर राणा की माँ पर कविता 

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